UP News: जीएनएम प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी, आगरा के आयुष ने किया टॉप; 21 जून से शुरू होगी काउंसिलिंग
जीएनएम प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी हो गया है। इसमें आगरा के आयुष ने टॉप किया है। सलोनी को दूसरा तो ललिता मौर्य को तीसरा स्थान मिला है। 21 जून से काउंसिलिंग होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राजधानी लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (एबीवीएमयू) द्वारा आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) प्रवेश परीक्षा यूपीजीईटी-2026 का परीक्षा परिणाम शनिवार को जारी हो गया। इसमें आगरा के आयुष यादव ने प्रवेश परीक्षा टॉप की है। आयुष ने 100 में 95 अंक हासिल किए हैं। आगरा की सलोनी प्रवेश परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहीं। उन्हें 100 में 92 अंक मिले हैं। गोंडा की ललिता मौर्या को भी 92 अंक मिले हैं। वह तीसरे स्थान पर हैं।
बीते मंगलवार को प्रदेश के 20 जिलों में प्रवेश परीक्षा हुई थी। 75 केंद्रों में 31784 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। अभ्यर्थियों की उपस्थिति लगभग 95.54 फीसदी थी। लखनऊ के 10 केंद्रों में 4414 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। एबीवीएमयू कुलपति डॉ. अमित देवगन ने बताया कि कोर्स के बाद सरकारी व निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, नर्सिंग होम और मेडिकल संस्थानों में नौकरी के अवसर मिलते हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में जीएनएम कोर्स में दाखिले के लिए रविवार से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी तय मेरिट के हिसाब से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। उसके बाद कॉलेजों का चयन करना होगा। मेरिट के हिसाब से कॉलेजों का आवंटन किया जाएगा।
डॉ. देवाशीष ने बताया कि जीएनएम प्रवेश परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में 92 फीसदी से अधिक छात्राएं थीं। प्रदेश में जीएनएम की करीब 18500 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
टॉपर बोले: नर्सिंग पेशा सेवा भाव का है
नर्सिंग सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि मरीजों की सेवा का जरिया है। परीक्षा की तैयारी के दौरान नियमित पढ़ाई, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन पर ध्यान दिया। सफलता के बाद अब बेहतर संस्थान में प्रवेश लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देना लक्ष्य है। -आयुष यादव, टॉपर, आगरा
जीएनएम में प्रवेश के लिए लगातार मेहनत की। परिवार और शिक्षकों का सहयोग मिला। परीक्षा को लेकर थोड़ा दबाव था, लेकिन तैयारी पर भरोसा रखा। नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर मरीजों की देखभाल और सेवा करना चाहती हूं। -सलोनी, दूसरा स्थान, आगरा
स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ जीएनएम को चुना। परीक्षा के लिए पढ़ाई के साथ खुद को शांत रखना भी जरूरी था। परिणाम आने के बाद मेहनत सफल होने की खुशी है। -ललिता मौर्या, तीसरा स्थान, गोंडा