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Barabanki: सरकारी अस्पताल में बेचा जा रहा था 3500 का चश्मा, वीडियो वायरल हुआ तो अधीक्षक व ऑप्टोमैट्रिस्ट हटाए
Wed, 22 Jan 2025 09:07 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 22 Jan 2025 09:07 PM IST
सार
बाराबंकी में आंख के मरीजों को निजी कंपनियों का चश्मा बेचे जाने के मामले में डिप्टी सीएम ने वीडियो वायरल होने के बाद सीएचसी अधीक्षक व ऑप्टोमैट्रिस्ट को हटा दिया है।
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यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने की कार्रवाई।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बाराबंकी की देवा सीएचसी पर आंख के मरीजों को निजी कंपनियों का चश्मा बेचा जा रहा था। एक चश्मे की कीमत 3500 रुपये वसूल की जा रही थी। चश्मे की बिक्री से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम सीएम ब्रजेश पाठक ने तत्काल प्रभाव से सीएचसी अधीक्षक व नेत्र रोग विशेषज्ञ (ऑप्टोमैट्रिस्ट) को हटा दिया गया है।
एसीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। देवा सीएचसी में संविदा पर तैनात ऑप्टोमैटिस्ट शालिनी पर मरीजों को चश्मा बेचने व पैसे का लेन-देन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया गया है कि यहां आंखों की जांच के बाद मरीजों को निजी प्रतिष्ठान में 3500 रुपये में चश्मा लेने को कहा जाता था। मरीज मजबूरी में शोषण का शिकार हो रहे थे।
सूत्रों के अनुसार इसे लेकर अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ भी मौन साधे रहे। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। अमर उजाला वीडियो की पुष्टि नहीं करता। इसे संज्ञान में लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ व ऑप्ट्रोमैट्रिस्ट शालिनी को देवा सीएचसी से हटा दिया है।
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अधीक्षक का तबादला जहांगीराबाद सीएचसी तो ऑप्ट्रोमैट्रिस्ट को टिकैतनगर भेजा गया है। डिप्टी सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर इसे भ्रष्टचार का मामला पाते हुए कार्रवाई का ब्योरा दिया है। पूरे प्रकरण की जांच एसीएमओ डॉ. दिनेश कुमार श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लवभूषण गुप्ता व डिप्टी सीएम डॉ. राजीव दीक्षित की कमेटी करेगी।
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एसीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। देवा सीएचसी में संविदा पर तैनात ऑप्टोमैटिस्ट शालिनी पर मरीजों को चश्मा बेचने व पैसे का लेन-देन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया गया है कि यहां आंखों की जांच के बाद मरीजों को निजी प्रतिष्ठान में 3500 रुपये में चश्मा लेने को कहा जाता था। मरीज मजबूरी में शोषण का शिकार हो रहे थे।
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सूत्रों के अनुसार इसे लेकर अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ भी मौन साधे रहे। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। अमर उजाला वीडियो की पुष्टि नहीं करता। इसे संज्ञान में लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ व ऑप्ट्रोमैट्रिस्ट शालिनी को देवा सीएचसी से हटा दिया है।
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अधीक्षक का तबादला जहांगीराबाद सीएचसी तो ऑप्ट्रोमैट्रिस्ट को टिकैतनगर भेजा गया है। डिप्टी सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर इसे भ्रष्टचार का मामला पाते हुए कार्रवाई का ब्योरा दिया है। पूरे प्रकरण की जांच एसीएमओ डॉ. दिनेश कुमार श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लवभूषण गुप्ता व डिप्टी सीएम डॉ. राजीव दीक्षित की कमेटी करेगी।