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यूपी में इस उम्र की होने से पहले ब्याह दी जाती हैं लड़कियां

Mon, 11 Jul 2016 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 11 Jul 2016 12:31 PM IST
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girls are being married before 19 nineteen years old in up
डेमो‌

उत्तर प्रदेश की आबादी में 4.92 करोड़ महिलाएं विवाहित हैं। इनमें से 3.27 करोड़ का विवाह उनके 19 वर्ष की होने से पहले ही कर दिया गया। जनगणना का यह आंकड़ा 66.46 प्रतिशत बैठता है। 

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इससे पता चलता है कि करीब दो तिहाई लड़कियां पढ़ाई और कॅरिअर के बारे में सोचने से पहले विवाह के बंधन में बांध दी जा रही हैं। विश्व जनसंख्या दिवस पर जब संयुक्त राष्ट्र संघ ‘इन्वेस्टिंग इन टीनएज गर्ल्स’ थीम के साथ किशोरियों का भविष्य बनाने की जरूरत बता रहा है तो यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में लड़कियों का भविष्य किस तरह संवर रहा है।
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कम उम्र में विवाह का मतलब जहां इन किशोरियों से अधिक बच्चों का जन्म है, वहीं वे शिक्षा में भी पिछड़ रही हैं। जनगणना विभाग के अनुसार प्रदेश में 15 साल से कम उम्र की 3.48 लाख लड़कियां हैं जो विवाहित हैं।
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 इन्हीं में से 1.06 लाख ऐसी हैं, जिने कभी स्कूल की शक्ल नहीं देखी। वहीं 58.5 हजार लड़कियां प्राइमरी से आगे नहीं पढ़ सकीं। इसी तरह 15 से 19 वर्ष के आयुवर्ग में 17.65 लाख लड़कियां हैं। इनमें से 6.21 लाख लड़कियां कभी स्कूल नहीं गईं। मिडिल स्कूल से आगे न पढ़ पाने वाली लड़कियों की संख्या 3.10 लाख है।

स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा असर

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changes in indian weddings

19 वर्ष से कम उम्र की 3.56 करोड़ किशोरियां यूपी के गांवों में निवास करती हैं। इनमें से 17.48 लाख का विवाह हो चुका है। शहरों में 88.20 लाख किशोरियां हैं, जिनमें से 3.65 लाख विवाहित हैं।

विवाहित किशोरियों का प्रतिशत प्रदेश के गांवों में जहां 4.91 प्रतिशत है तो शहरों में यह 4.13 प्रतिशत है। महिला अधिकारों के लिए काम कर रहे विशेषज्ञों के अनुसार कम उम्र में विवाह का सीधा अर्थ है इन लड़कियों का स्कूल छूट जाना।

जो परिवार कम उम्र में लड़कियों को बहू बनाने को राजी हो जाते हैं, सामान्यत: वे उनकी आगे पढ़ाई कराने को कभी राजी नहीं होते।
यही नहीं, इससे उनके स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचता है। कम उम्र में मां बनने से ऐसा होता है। दो से अधिक बच्चों को जन्म देना सामान्य बात है। इसका असर उनकी सेहत पर पड़ता है। मातृ मृत्युदर भी बढ़ जाती है।

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