लड़कों ने की छेड़छाड़ तो नहर में जा कूदी कक्षा सात की छात्रा
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कानपुर के पनकी में शोहदों से परेशान कक्षा सात की छात्रा जान देने के लिए नहर में कूद गई लेकिन उसे बचा लिया गया। वहां से गुजर रहे राहगीर रिंकू पाल ने अपनी जान पर खेल कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस ने छात्रा से पूछताछ के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस का कहना है कि छेड़छाड़ नहीं बल्कि छात्रा ने पारिवारिक विवाद से परेशान होकर नहर में छलांग लगाई थी।
रतनपुर कालोनी निवासी प्राइवेट इलेक्ट्रीशियन की 13 वर्षीय बेटी पास के एक स्कूल में कक्षा सात की छात्रा है। छात्रा ने बताया कि घर के पास रहने वाले हिमांशु और अभिषेक उसे छेड़ते हैं और स्कूल आते-जाते समय रास्ते में तंग करते हैं। एक बार हाथ भी पकड़ चुके हैं।
उनकी हरकतों से तंग आकर वह पिछले चार दिनों से स्कूल नहीं जा रही है। परिवारीजनों ने भी नहीं पूछा कि आखिर वह स्कूल क्यों नहीं जा रही है। पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत अपनी बुआ से भी की लेकिन उन्होंने भी अनसुना कर दिया।
घरवालों के सोने के बाद निकली घर से
इसी कारण उसने जान देने की सोची और मंगलवार रात परिजनों के सो जाने के बाद चुपचाप घर से निकल आई। वह नहर की ओर जा रही थी कि पास में बन रहे आपर्टमेंट के गार्ड ने उसे अकेला देख कर शक होने पर रोक लिया और मजूदरी करने वाली महिलाओं के साथ कर दिया।
बुधवार सुबह होते ही मजदूरी करने वाली महिलाएं काम पर गईं तो वह वहां से भाग निकली और मिर्जापुर गांव के पास नहर में छलांग लगा दी। वहां से गुजर रहे राजमिस्त्री ठेकेदार रिंकू पाल ने उसे छलांग लगाते देख लिया।
रिंकू ने आननफानन नहर में छलांग लगा दी। तैर कर छात्रा के पास पहुंचा और बाल पकड़कर उसे किनारे ले आया। बाद में सूचना पर पनकी पुलिस पहुंची।
थानाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा का कहना है कि छात्रा के परिजनों से पूछताछ में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। परिजनों ने छेड़छाड़ जैसी कोई बात नहीं बताई।