एसएससी का एग्जाम देने गई युवती को जिंदा जलाया
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के रिटायर्ड प्रोफेसर की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई।
मौके के हालात हत्या की ओर संकेत कर रहे हैं। बेटी रविवार देर रात रावतपुर ऑफिसर्स कॉलोनी के सुनसान खंडहरनुमा शौचालय में नग्न हालत में गंभीर रूप से जली हुई पाई गई थी।
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसे दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास के बाद जिंदा जला दिया गया। पुलिस पहली नजर में इसे आत्महत्या मान रही है, मगर कई ऐसे तथ्य हैं जो आत्महत्या की थ्योरी को खारिज कर रहे हैं।
पता चला है कि इतनी बड़ी घटना में पुलिस ने भारी चूक की और रेप की पुष्टि के लिए स्लाइड ही नहीं बनवाई। आईजी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए छानबीन की बात कही है।
उधर, फोरेंसिक टीम आत्महत्या से इत्तफाक नहीं रख पा रही है। उनका कहना है कि कपड़े और अंडर गारमेंट उतरे मिले हैं। ऐसी स्थिति में आकर सुसाइड करने की बात समझ में नहीं आ रही।
बीमारी के चलते हमलावर हो जाती थी युवती
सूत्रों के अनुसार हो सकता है कि मेरठ से देर रात लौटने पर वह बदमाशों के चुंगल में फंस गई हो जो उसे सुनसान शौचालय में ले गए हों और रेप के बाद जला दिया हो।
नवाबगंज थानाध्यक्ष बृजेश चंद्र यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी जैसा मामला लग रहा है। जांच में पता चला है कि लड़की ने पहले कई बार पिता और भाई पर हमला भी किया है। बीमारी के चलते वह हमलावर हो जाती थी।
अभी पिता से ज्यादा पूछताछ नहीं हो पाई है। पर लगता है उन्हें इस घटना के बारे में काफी कुछ पता है। तफ्तीश के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
उधर पोस्टमार्टम में जलने से मौत की पुष्टि हुई है। यह भी पुष्टि हुई है कि युवती को जिंदा जलाया गया। युवती के पिता का कहना है कि बेटी एसएससी की परीक्षा देने शनिवार को मेरठ गई थी। तब से उसका पता नहीं चल रहा था।