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संडे की शाम गंज बनेगा नो व्हीकल जोन
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 21 Jan 2014 10:06 AM IST
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कुछ ऐसी होती थी संडे को हजरतगंज की रूमानियत भरी शाम। छुट्टी में यहां घूमना लोगों का रूटीन था। लोग पूरे परिवार के साथ एंज्वाय करते थे। युवाओं ने इस मस्ती को ‘गंजिंग’ नाम दे दिया।
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अब तो लखनऊ की ‘गंजिंग’ की चर्चा देश-विदेश तक है। हालांकि, बदलते माहौल और बढ़ती भीड़ में ‘गंजिंग’ लगभग खत्म हो गई। हजरतगंज के इस ओल्ड फ्लेवर को लौटाने की कोशिशें फिर शुरू की जा रही हैं।
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सीओ हजरतगंज दिनेश यादव ने ‘गंजिंग’ का माहौल बनाने के लिए संडे की शाम हजरतगंज क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने का प्रस्ताव बनाया है।
सीओ हजरतगंज ने बताया कि संडे की शाम हजरतगंज में भीड़ जुटती है। लोग परिवार के साथ खाने-पीने और मस्ती करने आते हैं, लेकिन कारों से आने वाले कुछ लोग रंग में भंग डाल देते हैं।
सीओ ने बताया कि कारों में अक्सर लोग शराब पीते हैं और इसके बाद झगड़ा करते हैं। इससे गंज का माहौल बिगड़ता है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में हजरतगंज से लेकर हलवासिया तक मारपीट के अलावा फायरिंग भी हुई है।
मर्डर भी हो चुके हैं, जिसके चलते लोग परिवार के साथ ‘गंजिंग’ की हिम्मत नहीं जुटा पाते। उन्होंने कहा कि ‘गंजिंग’ का ओल्ड फ्लेवर लौटाने के लिए संडे की शाम हजरतगंज क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित करने की योजना बनाई जा रही है।
हलवासिया और हजरतगंज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द इस योजना पर चर्चा की जाएगी। सीओ ने बताया कि इसके लिए हजरतगंज चौराहे से अलका तिराहे तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने की योजना है।
लोग अपने वाहन पार्किंग में खड़ा करके यहां पैदल घूम सकते हैं। सिर्फ फेरी वालों को ही नो व्हीकल जोन में जाने की इजाजत होगी।
उन्होंने बताया कि अगर व्यापारियों से बातचीत के बाद यह प्रस्ताव फाइनल हो गया तो इस मार्ग पर शाम पांच या छह बजे से रात साढ़े ग्यारह बजे तक कोई वाहन नहीं आएगा।