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गंगा एक्सप्रेस-वे: गलती अफसरों की, सजा भुगत रहे किसान
Sat, 27 May 2023 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 27 May 2023 11:52 PM IST
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बैंक खाते में लेनदेन पर रोक लगने के कारण रोझइया गांव के सुशील मिश्रा को नातिन की शादी के लिए लोगों से रुपये उधार लेने पड़े। नातिन की शादी के लिए खाते में रुपये जमा किए थे, लेकिन मौके पर खाते से रुपये नहीं निकल पाए। सुशील का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अपना पैसा भी खाते से नहीं निकाल सकते हैं।
जगतपुर ब्लॉक के डेबऊ मजरे रोझइया गांव निवासी प्रदीप कुमार की जमीन का बैनामा तहसील प्रशासन ने यूपीडा को कराया और खाते में रुपये जमा कराए गए। खाते में दुकान का भी सात से आठ लाख रुपये जमा था। अब एसडीएम ने खाते के संचालन पर रोक लगा दी। खाते में रुपये डंप होने के कारण प्रदीप दुकान का सामान नहीं खरीद पा रहे। इससे दुकान को नुकसान हो रहा है।
रायबरेली। एनएचएआई, यूपीडी और तहसील ऊंचाहार के अधिकारियों की गलती का खामियाजा किसानों को भोगना पड़ रहा है। बाईपास की जगह गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का बैनामा कराने के बाद किसानों के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी है। ऐसे में शादी-ब्याह, इलाज आदि के लिए पहले से किसानों के खातों में जमा रुपये भी नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों से कर्ज लेकर किसान को नातिन की शादी करनी पड़ी तो कई किसानों को इलाज के लिए बैंक में जमा रुपये काम नहीं आ रहे हैं।
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जगतपुर ब्लॉक के जिंगना व रोझइया गांव के करीब 28 किसानों की जमीन का बैनामा अधिकारियों की लापरवाही के कारण एनएचएआई को न होकर यूपीडा को हो गया। बाईपास का काम शुरू हुआ तो मनमानी सामने आते ही एसडीएम ऊंचााहर ने किसानों के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी। खातों पर रोक लगने के बाद शिव सागर, विपिन, कालिका, अतुल कुमार, विमला, कालीदीन, सुशीला, रिंकू आदि किसान प्रभावित किसानों के खातों में पहले से जमा रकम भी नहीं निकल पा रही है। किसी को खेती-किसानी तो किसी को शादी व इलाज के लिए रुपये की जरूरत है, बैंक वाले रुपये देने से इंकार कर रहे हैं।
बैंक खातों के लेनदेन पर रोक से किसान बहुत परेशान हैं। किसानों का कहना है कि हमारी जमीन वापस कर दी जाए। खाते में आया पैसा भी सरकार वापस ले जाए। कम से कम खाते में पहले से जमा रुपये तो किसान अपने काम के लिए निकाल सकें। किसान प्रदीप कुमार, अतुल कुमार व कमल बहादुर का कहना है कि अधिकारियों को पहले ही चेक लेना चाहिए था। जल्दबाजी में बैनामा कराने में अधिकारियों ने जल्दबाजी की और अब किसानों को परेशान किया जा रहा है। बैंक खातों पर लगी रोक को हटाया जाए। विभाग ने जमीन ले ली है। खाते से रुपये भी नहीं निकालने दे रहे हैं।
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जगतपुर ब्लॉक के डेबऊ मजरे रोझइया गांव निवासी प्रदीप कुमार की जमीन का बैनामा तहसील प्रशासन ने यूपीडा को कराया और खाते में रुपये जमा कराए गए। खाते में दुकान का भी सात से आठ लाख रुपये जमा था। अब एसडीएम ने खाते के संचालन पर रोक लगा दी। खाते में रुपये डंप होने के कारण प्रदीप दुकान का सामान नहीं खरीद पा रहे। इससे दुकान को नुकसान हो रहा है।
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रायबरेली। एनएचएआई, यूपीडी और तहसील ऊंचाहार के अधिकारियों की गलती का खामियाजा किसानों को भोगना पड़ रहा है। बाईपास की जगह गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का बैनामा कराने के बाद किसानों के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी है। ऐसे में शादी-ब्याह, इलाज आदि के लिए पहले से किसानों के खातों में जमा रुपये भी नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों से कर्ज लेकर किसान को नातिन की शादी करनी पड़ी तो कई किसानों को इलाज के लिए बैंक में जमा रुपये काम नहीं आ रहे हैं।
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जगतपुर ब्लॉक के जिंगना व रोझइया गांव के करीब 28 किसानों की जमीन का बैनामा अधिकारियों की लापरवाही के कारण एनएचएआई को न होकर यूपीडा को हो गया। बाईपास का काम शुरू हुआ तो मनमानी सामने आते ही एसडीएम ऊंचााहर ने किसानों के बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी। खातों पर रोक लगने के बाद शिव सागर, विपिन, कालिका, अतुल कुमार, विमला, कालीदीन, सुशीला, रिंकू आदि किसान प्रभावित किसानों के खातों में पहले से जमा रकम भी नहीं निकल पा रही है। किसी को खेती-किसानी तो किसी को शादी व इलाज के लिए रुपये की जरूरत है, बैंक वाले रुपये देने से इंकार कर रहे हैं।
बैंक खातों के लेनदेन पर रोक से किसान बहुत परेशान हैं। किसानों का कहना है कि हमारी जमीन वापस कर दी जाए। खाते में आया पैसा भी सरकार वापस ले जाए। कम से कम खाते में पहले से जमा रुपये तो किसान अपने काम के लिए निकाल सकें। किसान प्रदीप कुमार, अतुल कुमार व कमल बहादुर का कहना है कि अधिकारियों को पहले ही चेक लेना चाहिए था। जल्दबाजी में बैनामा कराने में अधिकारियों ने जल्दबाजी की और अब किसानों को परेशान किया जा रहा है। बैंक खातों पर लगी रोक को हटाया जाए। विभाग ने जमीन ले ली है। खाते से रुपये भी नहीं निकालने दे रहे हैं।