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सॉल्वर गिरोह का सरगना गिरफ्तार
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लखनऊ। आशियाना पुलिस ने एसएससी स्टेनोग्राफर स्किल टेस्ट अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के सरगना सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा उसके चार अन्य साथी भी दबोचे गए हैं। गिरोह का सरगना प्रयागराज के तेलियरगंज में कोचिंग सेंटर संचालित करता था।
प्रभारी निरीक्षक आशियाना धीरज शुक्ल के मुताबिक, 23 अक्तूबर को आठ सॉल्वर समेत 13 लोगों को एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा से पकड़ा गया था। पूछताछ में तेलियरगंज निवासी सुनील कुमार के बारे में जानकारी मिली। सुनील तेलियरगंज में शारदा इंस्टीट्यूट के नाम से कोचिंग चलाता है। सुनील के साथ उसके गिरोह में अवधेश यादव, राजेंद्र पटेल, गिरजेश पटेल और देवकीनंदन भी शामिल थे। देवकीनंदन और गिरजेश पटेल फोटो मिक्सिंग करने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से एक एसयूवी, 4 मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 43 हजार रुपये नकदी, 4 आधार कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए।
एक परीक्षार्थी के जगह सॉल्वर बैठाने की कीमत पांच लाख
प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक सुनील ने पूछताछ में बताया कि एक परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने के लिए वह 5 से 7 लाख रुपये तक लेता था। इनमें से 40 प्रतिशत अपने पास रखता और शेष 60 प्रतिशत गिरोह के सभी सदस्यों में बांट देता था। डेढ़ से दो लाख रुपये सॉल्वर को दिए जाते थे। सुनील ने कुबूल किया कि एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा के अलावा भी कई अन्य परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है। यह पहली बार है जब वह पुलिस की गिरफ्त में आया है।
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प्रभारी निरीक्षक आशियाना धीरज शुक्ल के मुताबिक, 23 अक्तूबर को आठ सॉल्वर समेत 13 लोगों को एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा से पकड़ा गया था। पूछताछ में तेलियरगंज निवासी सुनील कुमार के बारे में जानकारी मिली। सुनील तेलियरगंज में शारदा इंस्टीट्यूट के नाम से कोचिंग चलाता है। सुनील के साथ उसके गिरोह में अवधेश यादव, राजेंद्र पटेल, गिरजेश पटेल और देवकीनंदन भी शामिल थे। देवकीनंदन और गिरजेश पटेल फोटो मिक्सिंग करने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से एक एसयूवी, 4 मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 43 हजार रुपये नकदी, 4 आधार कार्ड व कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए।
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एक परीक्षार्थी के जगह सॉल्वर बैठाने की कीमत पांच लाख
प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक सुनील ने पूछताछ में बताया कि एक परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने के लिए वह 5 से 7 लाख रुपये तक लेता था। इनमें से 40 प्रतिशत अपने पास रखता और शेष 60 प्रतिशत गिरोह के सभी सदस्यों में बांट देता था। डेढ़ से दो लाख रुपये सॉल्वर को दिए जाते थे। सुनील ने कुबूल किया कि एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा के अलावा भी कई अन्य परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है। यह पहली बार है जब वह पुलिस की गिरफ्त में आया है।
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