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धूमधाम से निकली बप्पा की विसर्जन यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 Sep 2014 01:31 PM IST
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रंग-बिरंगे दरबार में एसी की कूलिंग के बीच विराजते गणपति बप्पा। दरबार में सजे धजे 108 जोड़े और उनके हाथों में 108 व्यंजनों से भरे थाल।
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पंडाल में प्रवेश करते ही नाचते गाते भक्तों ने गणपति बप्पा को एक-एक कर महाभोग लगाया। किसी के हाथ में मेवे, किसी के हाथों में फलों और पकवानों से भरे थाल। 8 बजे के बाद शुरू हुआ महाभोग का ये दौर बुधवार रात करीब एक घंटे तक चला।
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आईटी चौराहे के पास विराजे गणपति बप्पा मनौतियों के राजा के पंडाल में बप्पा को भोग के बाद महाआरती हुई।
छप्पन भोग के बीच कोलकाता से आए कलाकार साहिल ने गणपति भजन सुनाए। ‘बप्पा की कृपा जिस पर हो जाये..मैं तो कहूं बजा के ढोल कि बप्पा मेरा है..सोना बरसे चांदी बरसे बरसे हीरे मोती...सुनाया।
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भक्तों ने जो जो तुमको भाये, वही छप्पन भोग खिलायें.. रसगुल्ला पेड़ा चमचम लाये... से बाबा को भोग खिलाया।
कलाकारों ने आज छप्पन भोग की महिमा पर नृत्य रूपी नाटकीय लीला का मंचन किया। बृहस्पतिवार को पाशांकुश पूजन होगा।
अमीनाबाद के राजा, अहियागंज, चौक, मवैया, हुसैनगंज, महाराष्ट्र समाज, नजीराबाद में विराजे बप्पा को भक्तों ने जोर-शोर से पूजा।
गाजे-बाजे संग विदा हुए चौपटिया के बप्पा
चौपटिया में शुभ संस्कार समिति की ओर से जनसंख्या वृद्धि रोकने और गोमा संरक्षण की थीम पर विराजे बप्पा बुधवार को विदा हुए। भक्तों ने दोपहर बाद बप्पा की विसर्जन यात्रा निकाली। यात्रा चौपटिया से होती हुई गोमती तट तक पहुंची। बैंड बाजे के साथ बप्पा कुड़ियाघाट पहुंचे। रास्ते भर भक्तों ने भंडारे का आनंद लिया। अमीनाबाद समेत कई सिसगोमती के बप्पा का बृहस्पतिवार को विदा होंगे।
बप्पा के पंडाल में मची आरिश बैंड की धूम
बीबीडी कैंपस में चल रहे छठे गणेश उत्सव में बुधवार को आरिश हसन बैंड के कलाकारों ने समां बांधा। बैंड ने वंदे मातरम..., ओ रे पिया, सैंया तेरी दीवानी, मन की लगन, आस पास है खुदा, कबीरा, आफरीन-आफरीन, दमा दम मस्त कलंदर आदि गीतों को गाकर पांडाल में उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया।