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अगर आप भी लखनऊ महोत्सव जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो जरूर पढ़ लें ये खबर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:26 PM IST
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महोत्सव में खिलाया जा रहा घटिया फिंगर चिप्स
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ महोत्सव में पेट की बीमारियां भी स्वाद के साथ परोसी जा रही हैं। यहां आने वाले विजिटर्स को खाने के स्टॉल और फूडकोर्ट में सिंथेटिक रंगों का उपयोग कर बनी टमैटो सॉस और चिली सॉस खिलाई जा रही है।
यह केवल यहीं तक सीमित नहीं है। फिंगर चिप्स, हरी मटर तक की रेसिपी अच्छी तरह पकी हुई दिखाने के लिए सिंथेटिक रंगों का उपयोग कर दिया जा रहा है।
रविवार को खुद एफएसडीए की टीम ने लखनऊ महोत्सव में धड़ल्ले से सिंथेटिक रंगों का उपयोग कर बनाए जा रहे उत्पादों को पकड़ा। इसके बाद तीन कैन सॉस के अलावा चिली चटनी नष्ट कराई गई।
कई स्टॉल पर बन रहे फिंगर चिप्स, हरी मटर को विक्रेताओं से ही नष्ट कराया गया। एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सबसे अधिक बुरा हाल महोत्सव स्थल के बाहर की तरफ लगे हुए खाने के स्टॉलों पर है। इनको अभी दो-तीन दिन पहले भी समझाया गया था। इसके बाद भी सिंथेटिक रंगों का उपयोग बंद नहीं कराया गया।
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यह केवल यहीं तक सीमित नहीं है। फिंगर चिप्स, हरी मटर तक की रेसिपी अच्छी तरह पकी हुई दिखाने के लिए सिंथेटिक रंगों का उपयोग कर दिया जा रहा है।
रविवार को खुद एफएसडीए की टीम ने लखनऊ महोत्सव में धड़ल्ले से सिंथेटिक रंगों का उपयोग कर बनाए जा रहे उत्पादों को पकड़ा। इसके बाद तीन कैन सॉस के अलावा चिली चटनी नष्ट कराई गई।
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कई स्टॉल पर बन रहे फिंगर चिप्स, हरी मटर को विक्रेताओं से ही नष्ट कराया गया। एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सबसे अधिक बुरा हाल महोत्सव स्थल के बाहर की तरफ लगे हुए खाने के स्टॉलों पर है। इनको अभी दो-तीन दिन पहले भी समझाया गया था। इसके बाद भी सिंथेटिक रंगों का उपयोग बंद नहीं कराया गया।
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फूड पॉइजनिंग से कैंसर तक की आशंका
महोत्सव में खिलाया जा रहा घटिया मटर
- फोटो : amar ujala
सिंथेटिक रंगों से बन रहे खाद्य पदार्थों से फूड पॉइजनिंग से लेकर आंतों और पेट के कैंसर की आशंका रहती है। महोत्सव में घूमने आने वाले बड़ी संख्या में विजिटर्स को ऐसे खाने को खपाना भी आसान बना हुआ है।
अधिक पैसा लेने के बाद भी एक तरह से जहरीला खाना ही यहां दिया जा रहा है। अभिहित अधिकारी डॉ. टीआर रावत ने बताया कि खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसको लेकर हमने पिछले दिनों में जागरूक भी किया है। इसके बाद भी कुछ विक्रेता नहीं मान रहे। उनके खिलाफ एफ एसडीए अब खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई कर रहा है।
अधिक पैसा लेने के बाद भी एक तरह से जहरीला खाना ही यहां दिया जा रहा है। अभिहित अधिकारी डॉ. टीआर रावत ने बताया कि खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसको लेकर हमने पिछले दिनों में जागरूक भी किया है। इसके बाद भी कुछ विक्रेता नहीं मान रहे। उनके खिलाफ एफ एसडीए अब खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई कर रहा है।