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Lucknow News: निवेश के नाम पर जालसाजों ने ठगे 1.17 करोड़ रुपये
Thu, 19 Feb 2026 02:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:28 AM IST
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लखनऊ। पीजीआई ओम पूरी कॉलोनी निवासी विकास मिश्रा से जालसाजों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1.17 करोड़ रुपये ठग लिए। विकास ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विकास के अनुसार, 10 अगस्त 2025 को उनके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर लिंक आया। लिंक पर क्लिक करने पर उनको स्टॉक वीआईपी ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप की एडवाइजर सिया वर्मा ने एमओपीआईपी नाम का एप डाउनलोड कराया। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने की बात कही। जालसाजों ने कई बार में उनसे 1.17 करोड़ रुपये कई बैंक खातों में जमा करवा लिए।
कुछ समय के बाद जब उन्होंने निवेश की गई रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर छानबीन की तो उन्हें ठगी का पता चला। इस मामले में विकास ने 13 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
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बैंक से मांगा गया खातों का विवरण
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि जालसाजों ने पीड़ित से एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी। सभी बैंकों से उन खातों की डिटेल मांग गई है। खातों की डिटेल मिलने पर कुछ पता चल सकेगा। पीड़ित ने कुछ मोबाइल नंबर पुलिस को दिए हैं। सर्विलांस की मदद से इन्हें ट्रेस किया जा रहा है। शुरुआती जांच में लग रहा है कि जालसाजों ने ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर कराई है, वह सभी म्यूल खाते हैं।
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विकास के अनुसार, 10 अगस्त 2025 को उनके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर लिंक आया। लिंक पर क्लिक करने पर उनको स्टॉक वीआईपी ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप की एडवाइजर सिया वर्मा ने एमओपीआईपी नाम का एप डाउनलोड कराया। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने की बात कही। जालसाजों ने कई बार में उनसे 1.17 करोड़ रुपये कई बैंक खातों में जमा करवा लिए।
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कुछ समय के बाद जब उन्होंने निवेश की गई रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर छानबीन की तो उन्हें ठगी का पता चला। इस मामले में विकास ने 13 फरवरी को साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
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बैंक से मांगा गया खातों का विवरण
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि जालसाजों ने पीड़ित से एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी। सभी बैंकों से उन खातों की डिटेल मांग गई है। खातों की डिटेल मिलने पर कुछ पता चल सकेगा। पीड़ित ने कुछ मोबाइल नंबर पुलिस को दिए हैं। सर्विलांस की मदद से इन्हें ट्रेस किया जा रहा है। शुरुआती जांच में लग रहा है कि जालसाजों ने ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर कराई है, वह सभी म्यूल खाते हैं।