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स्नैपडील के नाम पर ग्राहकों को लालच देकर ठगते थे, पुलिस ने तीन शातिरों को दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 16 Nov 2017 03:42 PM IST
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पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : amar ujala
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एसटीएफ ने ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के नाम पर ठगी करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। ये फर्जी कंपनी बनाकर कॉल सेंटर चला रहे थे और स्नैपडील के ग्राहकों को लालच देकर ठगते थे।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी करने को आईफोन, एलईडी, कैमरा और लैपटॉप देने का आश्वासन देकर ठगी करने वाले गिरोह की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह को लगाया गया।
बुधवार को गोमतीनगर के कठौता पेट्रोल पंप के पास फर्जी कंपनी चलाने वाले नदीम, विकास और राहुल को गिरफ्तार किया गया। नदीम बाराबंकी के कोतवाली क्षेत्र, विकास और राहुल अमेठी के मुसाफिर खाना थानाक्षेत्र के हैं। इनसे चार वॉकी टॉकी, सात मोबाइल, 4 बैंकों की चेकबुक, दो लैपटॉप, 3 बैंकों की मुहर, एक पैनकार्ड, 11 रिज्यूम और 325 रुपये बरामद हुए।
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पूछताछ में नदीम ने बताया कि उसका गिरोह काफी समय से इंटेलीकुएंट इंफो सलूशन नाम की कम्पनी बनाकर लोगों को लालच देकर फोन कॉलिंग से ठग रहा था। धोखाधड़ी के पैसे को पेटीएम जैसे ई-वॉलेट से बैंक खातों में जमा कराया जाता था। जो ई-वॉलेट से पैसे जमा नहीं कर पाते थे, उनसे डेबिट व क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर पैसा ट्रांसफर किया जाता था।
ग्राहकों की जानकारी स्नैपडील कंपनी में काम करने वाला साथी देता था। एसटीएफ कंपनी के अधिकारियों से जानकारी हासिल कर रही है। आरोपियों ने यह भी बताया कि ग्राहक को विश्वास में लेने के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिया व आईसीआईसीआई बैंक, ओखला, दिल्ली के नाम की फर्जी मोहरों का इस्तेमाल फर्जी प्रमाण-पत्र देने को करते थे।
एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि गिरोह के खातों की पड़ताल की जा रही है। तीनों के खिलाफ विभूति खंड थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
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एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी करने को आईफोन, एलईडी, कैमरा और लैपटॉप देने का आश्वासन देकर ठगी करने वाले गिरोह की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह को लगाया गया।
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बुधवार को गोमतीनगर के कठौता पेट्रोल पंप के पास फर्जी कंपनी चलाने वाले नदीम, विकास और राहुल को गिरफ्तार किया गया। नदीम बाराबंकी के कोतवाली क्षेत्र, विकास और राहुल अमेठी के मुसाफिर खाना थानाक्षेत्र के हैं। इनसे चार वॉकी टॉकी, सात मोबाइल, 4 बैंकों की चेकबुक, दो लैपटॉप, 3 बैंकों की मुहर, एक पैनकार्ड, 11 रिज्यूम और 325 रुपये बरामद हुए।
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पूछताछ में नदीम ने बताया कि उसका गिरोह काफी समय से इंटेलीकुएंट इंफो सलूशन नाम की कम्पनी बनाकर लोगों को लालच देकर फोन कॉलिंग से ठग रहा था। धोखाधड़ी के पैसे को पेटीएम जैसे ई-वॉलेट से बैंक खातों में जमा कराया जाता था। जो ई-वॉलेट से पैसे जमा नहीं कर पाते थे, उनसे डेबिट व क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर पैसा ट्रांसफर किया जाता था।
ग्राहकों की जानकारी स्नैपडील कंपनी में काम करने वाला साथी देता था। एसटीएफ कंपनी के अधिकारियों से जानकारी हासिल कर रही है। आरोपियों ने यह भी बताया कि ग्राहक को विश्वास में लेने के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिया व आईसीआईसीआई बैंक, ओखला, दिल्ली के नाम की फर्जी मोहरों का इस्तेमाल फर्जी प्रमाण-पत्र देने को करते थे।
एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि गिरोह के खातों की पड़ताल की जा रही है। तीनों के खिलाफ विभूति खंड थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।