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200 करोड़ की ठगी करने वाला फर्जी मंत्री पेशी के दौरान करता था अय्याशी, दबोचा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:26 PM IST
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अभिषेक निगम
- फोटो : amar ujala
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नौकरी और ठेके दिलाने के नाम पर 200 करोड़ की ठगी करने वाला फर्जी मंत्री कोर्ट में पेशी के दौरान अय्याशी करता था। इसका पर्दाफाश बृहस्पतिवार दोपहर को हुआ। लखनऊ की वजीरगंज पुलिस ने आरोपी और अय्याशी कराने वाले पुलिसकर्मी को बारादरी से दबोच लिया।
इंस्पेक्टर ने पुलिसकर्मी के निलंबन की रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। वहीं, फर्जी मंत्री को लोअर लॉकअप में दाखिल कर दिया। खुद को फर्जी मंत्री तो कभी उनका ओएसडी बनकर ठगी करने के आरोप में अभिषेक निगम करीब साल पहले गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह के मुताबिक बाजारखाला कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के चार मुकदमों में बृहस्पतिवार को अभिषेक निगम की पेशी थी। सुबह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सतीश चन्द्र गंगवार जेल से अभिरक्षा में लेकर कोर्ट पहुंचा।
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करीब डेड़ बजे सिपाही ने उसे लोअर लॉकअप से निकाला और एसीजेएम-8 की कोर्ट में पेशी के लिए ले गया। इसके बाद सिपाही ने बंदी अभिषेक को लोअर लॉकअप में वापस लाने के बजाए कोर्ट से बाहर लेकर निकल गया।
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इंस्पेक्टर ने पुलिसकर्मी के निलंबन की रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। वहीं, फर्जी मंत्री को लोअर लॉकअप में दाखिल कर दिया। खुद को फर्जी मंत्री तो कभी उनका ओएसडी बनकर ठगी करने के आरोप में अभिषेक निगम करीब साल पहले गिरफ्तार किया गया।
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इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह के मुताबिक बाजारखाला कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के चार मुकदमों में बृहस्पतिवार को अभिषेक निगम की पेशी थी। सुबह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सतीश चन्द्र गंगवार जेल से अभिरक्षा में लेकर कोर्ट पहुंचा।
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करीब डेड़ बजे सिपाही ने उसे लोअर लॉकअप से निकाला और एसीजेएम-8 की कोर्ट में पेशी के लिए ले गया। इसके बाद सिपाही ने बंदी अभिषेक को लोअर लॉकअप में वापस लाने के बजाए कोर्ट से बाहर लेकर निकल गया।
मौज-मस्ती कराने वाले सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट
up police
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट से बाहर फर्जी मंत्री की पत्नी इंतजार कर रही थी। वहां दो एसयूवी से अभिषेक और सिपाही घूमने निकल गए। एसयूवी में बैठने के पहले अभिषेक ने सिपाही को काम करने की कीमत अदा कर दी। इसके बाद दोनों गाड़ियां शहर के एक प्रमुख रेस्टोरेंट के सामने रूकी।
वहां खाने-पीने का सामान पैक कराया गया। फिर फर्राटे बढ़ती हुई गाड़ियां बारादरी की तरफ चली गई। एक गाड़ी में अभिषेक पत्नी के साथ लजीज व्यंजन का जायका ले रहा था तो दूसरी में सिपाही इसका लुत्फ ले रहा था।
कुछ पुलिसकर्मियों ने अभिषेक को लोअर लॉकअप में न देखकर इसकी सूचना इंस्पेक्टर वजीरगंज को दी। आनन-फानन कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने तलाश शुरू की। साथ ही आसपास केथानों को भी अलर्ट कर दिया गया।
वहीं एसएसपी दीपक कुमार व एएसपी पश्चिम को विकासचंद्र त्रिपाठी को भी जानकारी दी। इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि फर्जी मंत्री की तलाश शुरू हुई तो वह बारदरी केपास एसयूवी में पत्नी संग हंसी ठिठोली करता मिला।
वहीं अभिरक्षा में तैनात सिपाही सतीश चंद्र गंगवार दूसरी गाड़ी में व्यंजनों का जायका लेता मिला। इंस्पेक्टर ने दोनों को एसयूवी से बाहर निकाला। सिपाही को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। इसके बाद आरोपी को लोअर लॉकअप पहुंचाया। वहीं पेशी के दौरान मौज-मस्ती कराने वाले सिपाही सतीश के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी। उसके निलंबन की सिफारिश की गई थी।
वहां खाने-पीने का सामान पैक कराया गया। फिर फर्राटे बढ़ती हुई गाड़ियां बारादरी की तरफ चली गई। एक गाड़ी में अभिषेक पत्नी के साथ लजीज व्यंजन का जायका ले रहा था तो दूसरी में सिपाही इसका लुत्फ ले रहा था।
कुछ पुलिसकर्मियों ने अभिषेक को लोअर लॉकअप में न देखकर इसकी सूचना इंस्पेक्टर वजीरगंज को दी। आनन-फानन कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने तलाश शुरू की। साथ ही आसपास केथानों को भी अलर्ट कर दिया गया।
वहीं एसएसपी दीपक कुमार व एएसपी पश्चिम को विकासचंद्र त्रिपाठी को भी जानकारी दी। इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि फर्जी मंत्री की तलाश शुरू हुई तो वह बारदरी केपास एसयूवी में पत्नी संग हंसी ठिठोली करता मिला।
वहीं अभिरक्षा में तैनात सिपाही सतीश चंद्र गंगवार दूसरी गाड़ी में व्यंजनों का जायका लेता मिला। इंस्पेक्टर ने दोनों को एसयूवी से बाहर निकाला। सिपाही को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। इसके बाद आरोपी को लोअर लॉकअप पहुंचाया। वहीं पेशी के दौरान मौज-मस्ती कराने वाले सिपाही सतीश के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी। उसके निलंबन की सिफारिश की गई थी।
हर बार पेशी में मौज करने निकलता था
इंस्पेक्टर ने अभिरक्षा में लगे सिपाही सतीश चन्द्र गंगवार से पूछताछ की। उसने कुबूला किया कि हर बार पेशी के दौरान वह फर्जी मंत्री को उसके परिवार से मिलवाता था। घंटो मौज-मस्ती के बाद उसे वापसी के समय लोअर लॉकअप में दाखिल कर देता था।
इस दौरान अगर लॉकअप से फोन आता तो वह कोर्ट में होने की बात कहकर टालमटोल करता था। सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पड़ताल में सामने आया कि जालसाज अभिषेक की सप्ताह में करीब पांच पेशी होती है।
इस दौरान वह अभिरक्षा में लगे सिपाही संग सुबह से शाम तक शहर में घूम-फिरकर हनक बनाता है। साथ ही परिवार से मिलता है। एक पेशी पर जालसाज अभिषेक निगम सिपाही को 4 से पांच हजार रुपये का लालच देने केसाथ ही लजीज व्यंजनों का स्वाद भी चखाता था। इस कारण सिपाही उसे पेशी कराने के बाद घूमाने-फिराने व मौजमस्ती कराने में जुट जाते हैं।
अभिरक्षा के दौरान मस्ती करते हुए रंगेहाथ फर्जी मंत्री अभिषेक निगम के पकड़े जाने के बाद इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह ने एसएसपी दीपक कुमार को पत्र लिखा है। इंस्पेक्टर के मुताबिक जालसाज अभिषेक निगम ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।
उसके खिलाफ हजरतगंज व बाजारखाला में दर्जनों मामले दर्ज हैं। लिहाजा जालसाज अभिषेक को हाई सिक्योरिटी जोन में रखा जाए। पेशी के दौरान विशेष सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा। आशंका जताई गई कि अभिषेक निगम अभिरक्षा में तैनात सिपाहियों को लालच और डरा धमकाकर फरार हो सकता है।
इस दौरान अगर लॉकअप से फोन आता तो वह कोर्ट में होने की बात कहकर टालमटोल करता था। सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पड़ताल में सामने आया कि जालसाज अभिषेक की सप्ताह में करीब पांच पेशी होती है।
इस दौरान वह अभिरक्षा में लगे सिपाही संग सुबह से शाम तक शहर में घूम-फिरकर हनक बनाता है। साथ ही परिवार से मिलता है। एक पेशी पर जालसाज अभिषेक निगम सिपाही को 4 से पांच हजार रुपये का लालच देने केसाथ ही लजीज व्यंजनों का स्वाद भी चखाता था। इस कारण सिपाही उसे पेशी कराने के बाद घूमाने-फिराने व मौजमस्ती कराने में जुट जाते हैं।
अभिरक्षा के दौरान मस्ती करते हुए रंगेहाथ फर्जी मंत्री अभिषेक निगम के पकड़े जाने के बाद इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह ने एसएसपी दीपक कुमार को पत्र लिखा है। इंस्पेक्टर के मुताबिक जालसाज अभिषेक निगम ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।
उसके खिलाफ हजरतगंज व बाजारखाला में दर्जनों मामले दर्ज हैं। लिहाजा जालसाज अभिषेक को हाई सिक्योरिटी जोन में रखा जाए। पेशी के दौरान विशेष सुरक्षा का इंतजाम किया जाएगा। आशंका जताई गई कि अभिषेक निगम अभिरक्षा में तैनात सिपाहियों को लालच और डरा धमकाकर फरार हो सकता है।