फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fraud-medical-colleges-admission-donation

यहां 25 लाख में बिकती है MBBS की सीट

Mon, 28 Oct 2013 02:58 PM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
संजय त्रिपाठी/लखनऊ Updated Mon, 28 Oct 2013 02:58 PM IST
विज्ञापन
fraud-medical-colleges-admission-donation

बाराबंकी के मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कॉलेज के कर्मचारियों और दलालों की साठगांठ से लाखों के वारे-न्यारे हो रहे हैं।

विज्ञापन


बदायूं के एक व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो क्लिप बनाकर इस गोरखधंधे का भांडा फोड़ा है। वे अपने बेटे को एमबीबीएस में दाखिला दिलाना चाहते थे। इसके लिए उनसे 16.50 लाख रुपये ठग लिये गए।
विज्ञापन


उन्होंने शनिवार को बदायूं के सिविल लाइंस थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। इससे पहले वे डीजीपी से इसकी शिकायत कर चुके हैं। एक रिटायर फौजी ने भी खुद से 11 लाख ठगे जाने की पुलिस से शिकायत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें- गोरखधंधा!15 अगस्त को भी होती है शिक्षकों की ज्वॉइनिंग

बदायूं के उघैती गांव के राजीव पाठक ने बताया कि उनके बेटे प्रशांत पाठक व भतीजे निशांत पाठक की दोस्ती कानपुर में मेडिकल कोचिंग के दौरान बीटेक छात्र मधुसूदन उर्फ लाले से हुई थी।

मधुसूदन ने प्रशांत को मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने का भरोसा दिलाकर पहले कानपुर के आशीष से फिर 29 जुलाई को मनोज उर्फ अमित नामक युवक से परिचय कराया।

पढ़ें- कम कर दीं 25 सीटें, ओबीसी को झटका

अमित ने कहा कि वह मेयो कॉलेज के एडमिशन सेल में कार्यरत रमेश मिश्रा के लिए काम करता है। अमित ने प्रशांत व उसके पिता को कॉलेज ले जाकर रमेश मिश्रा से मुलाकात कराई। रमेश ने दोनों को कॉलेज चेयरमैन डॉ केएन सिंह से मिलवाया।

उन्होंने दाखिले के लिए रमेश और अमित को जिम्मेदार बताकर उन्हीं से संपर्क करने को कहा। अब राजीव को अपने बेटे के दाखिले के रास्ते साफ नजर आने लगे।


यूं चला ठगी का खेल

अमित ने 7 अगस्त को राजीव को एसएमएस भेजकर अगले दिन कॉलेज पहुंचने को कहा। साथ ही फोन पर कहा कि 16.50 लाख रुपये के तीन पैकेट बनाने हैं। एक में 10.50 लाख और दो पैकेट तीन-तीन लाख के होंगे।


बेटे व भतीजे के साथ नोटों के पैकेट से भरा बैग लेकर राजीव 8 अगस्त की दोपहर कॉलेज पहुंचे। अमित, मधुसूदन और आशीष उन्हें कॉलेज के प्रथम तल स्थित एडमिशन सेल ले गए।

अमित ने उन्हें एक फार्म लाकर दिया और नोटों से भरा बैग लेकर रमेश मिश्रा के केबिन में चला गया। थोड़ी देर बाद खाली बैग लेकर लौटा।

प्रशांत से फार्म भरवाया और हाईस्कूल व इंटर के मूल प्रमाणपत्र संलग्न कराकर कब्जे में ले लिया। उसने राजीव को एक स्लिप थमाई। उस पर लिखे अंकों को एडमिशन कोड बताते हुए 9 सितंबर को कॉलेज आकर फीस के दस लाख का ड्राफ्ट जमा करने को कहा।


फीस के अतिरिक्त आठ लाख रुपये
इसके बाद राजीव नेकॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध नंबर पर संपर्क किया। रमेश मिश्रा ने अमित से बात करने को कहा। इस बीच अमित ने खुद राजीव को फोन करके कहा कि कॉलेज में एमसीआई की टीम आई है। वहां फोन न करें। बाद में जब राजीव और प्रशांत कॉलेज पहुंचे तो उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया गया।


लेनदेन की वीडियो क्लिप सौंपी
राजीव का कहना है कि प्रशांत के साथ उनका भतीजा निशांत भी कॉलेज गया था। कुछ दूरी पर बैठे निशांत ने एडमिशन सेल में हुई डील की अपने मोबाइल में क्लिप बना ली थी।

किस तरह अमित ने नोटों से भरा बैग चेक किया। तीन लाख का एक पैकेट अपने साथी को थमाया और बैग लेकर रमेश मिश्रा के चैंबर में गया। इसके साथ प्रशांत से एडमिशन फार्म भराने की रिकॉर्डिंग है। राजीव ने तीन बीघा जमीन, एक प्लॉट और कुछ गहने बेचकर फीस जुटाई थी।


लखनऊ की और खबरों के लिए यहां आएं...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed