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मोबाइल फोन मांगकर डाउनलोड किए एप, खाते से उड़ाए 35000 रुपये
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अंजान को मोबाइल देना कर सकता है आपकी जेब खाली, पढ़ें पूरी खबर
नाका के चारबाग स्थित मुसलिम मुसाफिरखाना में ठहरे दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी फैजुद्दीन ने मदद के बहाने मोबाइल मांगकर खाते से 35 हजार रुपये उड़ाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
उन्होंने बताया कि पड़ोस के कमरे में ठहरे महिला ने नौ साल के बेटे को भेजकर उनका मोबाइल मांगा था। मोबाइल फोन पर जी पे और ई पे एप डाउनलोड करके रुपये उड़ाने के बाद उन्होंने फोन लौटा दिया।
ठगी का पता चलने पर उन्होंने पड़ताल की तो मालूम हुआ कि ठग मां-बेटे कमरा छोड़कर भाग चुके हैं। इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि फैजुद्दीन कमरा नंबर एक में ठहरे थे। पड़ोस के कमरा नंबर दो में एक महिला नौ वर्षीय बेटे के साथ रुकी थी।
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बीते दिनों बच्चे ने फैजुद्दीन के पास आकर कहा कि मां ने एक कॉल करने के लिए मोबाइल मांगा है। उन्होंने फोन दे दिया और नमाज पढ़ने चले गए। करीब तीन घंटे बाद बच्चे ने फोन लौटा दिया।
कुछ देर बाद फैजुद्दीन ने अपना फोन चेक किया तो उसमें जी पे और ई पे एप इंस्टाल देखकर चौंक गए। छानबीन में उन्हें विजया बैंक स्थित खाते के एटीएम कार्ड के दोनों तरफ की फोटो खींची हुई मिलीं।
एक मेसेज भी मिला, जिसमें खाते से 35 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी दी गई थी। फैजुद्दीन पड़ोस के कमरे में पहुंचे तो पता चला कि महिला और उसका बेटा जा चुके हैं।
महिला ने उनके मोबाइल फोन से एक नंबर पर बात भी की थी। उक्त नंबर पर कॉल करके उन्होंने रुपये और एटीएम कार्ड लेकर भागने की जानकारी दी। कहा कि तुरंत रुपया वापस करो तो दूसरी तरफ वाले व्यक्ति ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
वह रिसेप्शन पहुंचे तो बताया गया कि कमरा बरेली के सैलानी चौराहा निवासी मो. शरीफ वारसी, उसकी पत्नी शबाना आजमी, उसके बेटे हरम खान के नाम पर था। उनके मोबाइल नंबर लेकर फैजुद्दीन ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
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नाका के चारबाग स्थित मुसलिम मुसाफिरखाना में ठहरे दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी फैजुद्दीन ने मदद के बहाने मोबाइल मांगकर खाते से 35 हजार रुपये उड़ाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
उन्होंने बताया कि पड़ोस के कमरे में ठहरे महिला ने नौ साल के बेटे को भेजकर उनका मोबाइल मांगा था। मोबाइल फोन पर जी पे और ई पे एप डाउनलोड करके रुपये उड़ाने के बाद उन्होंने फोन लौटा दिया।
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ठगी का पता चलने पर उन्होंने पड़ताल की तो मालूम हुआ कि ठग मां-बेटे कमरा छोड़कर भाग चुके हैं। इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि फैजुद्दीन कमरा नंबर एक में ठहरे थे। पड़ोस के कमरा नंबर दो में एक महिला नौ वर्षीय बेटे के साथ रुकी थी।
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बीते दिनों बच्चे ने फैजुद्दीन के पास आकर कहा कि मां ने एक कॉल करने के लिए मोबाइल मांगा है। उन्होंने फोन दे दिया और नमाज पढ़ने चले गए। करीब तीन घंटे बाद बच्चे ने फोन लौटा दिया।
कुछ देर बाद फैजुद्दीन ने अपना फोन चेक किया तो उसमें जी पे और ई पे एप इंस्टाल देखकर चौंक गए। छानबीन में उन्हें विजया बैंक स्थित खाते के एटीएम कार्ड के दोनों तरफ की फोटो खींची हुई मिलीं।
एक मेसेज भी मिला, जिसमें खाते से 35 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी दी गई थी। फैजुद्दीन पड़ोस के कमरे में पहुंचे तो पता चला कि महिला और उसका बेटा जा चुके हैं।
महिला ने उनके मोबाइल फोन से एक नंबर पर बात भी की थी। उक्त नंबर पर कॉल करके उन्होंने रुपये और एटीएम कार्ड लेकर भागने की जानकारी दी। कहा कि तुरंत रुपया वापस करो तो दूसरी तरफ वाले व्यक्ति ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
वह रिसेप्शन पहुंचे तो बताया गया कि कमरा बरेली के सैलानी चौराहा निवासी मो. शरीफ वारसी, उसकी पत्नी शबाना आजमी, उसके बेटे हरम खान के नाम पर था। उनके मोबाइल नंबर लेकर फैजुद्दीन ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।