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फर्जीवाड़ा : जालसाजों ने मेट्रो के नाम से निकाल दिया नियुक्ति का टेंडर, कानपुर मेट्रो में बताई भर्ती

Fri, 21 Jan 2022 10:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Fri, 21 Jan 2022 10:41 AM IST
सार

कानपुर मेट्रो के लिए हुई इस टेंडर की प्रक्रिया के लिए जालसाजों ने सरकारी वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट भी बना डाली। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई टेंडर यूपीएमआरसी ने नहीं किया है।

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fraud in the name of recruitment in metro
मेट्रो ट्रेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपीएमआरसी में नौकरी देने के नाम पर जालसाजों ने आउटसोर्स एजेंसी के चयन के लिए फर्जी टेंडर निकाल दिया। प्री-बिड की प्रक्रिया में आपत्तियों के जवाब और जरूरी संशोधन के लिए जारी अडेंडम नोटिस मेट्रो अधिकारियों तक पहुंचा तो जालसाजी का खुलासा हुआ। कानपुर मेट्रो के लिए हुई इस टेंडर की प्रक्रिया के लिए जालसाजों ने सरकारी वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट भी बना डाली। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई टेंडर यूपीएमआरसी ने नहीं किया है।

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मेट्रो प्रवक्ता के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिये यूपीएमआरसी के लेटर हेड का उपयोग करते हुए टेंडर नोटिस का पता चला है। इसमें यूपीएमआरसी के मुख्य अभियंता कॉन्ट्रैक्ट इंद्रजीत वर्मा के हस्ताक्षर भी किए गए हैं। हस्ताक्षर को अवैध रूप से फोटोशॉप कर उपयोग किया गया है। वहीं कानपुर मेट्रो के लिए जिस काम के लिए टेंडर किया गया है, वह सभी झूठी जानकारियां हैं। जैसे स्टेशन कंट्रोलर संग ट्रेन ऑपरेटर, ग्राहक सेवा अधिकारी, इंजीनियरों की भर्ती कभी भी मेट्रो आउटसोर्सिंग से नहीं करता है। इनकी भर्ती प्रक्रिया मेट्रो खुद करता है। इसके लिए जरूरत के समय यूपीमेट्रोरेल डॉट कॉम वेबसाइट पर सूचना भी जारी की जाती है। समाचार पत्रों में भी सूचना दी जाती है।

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फर्जी वेबसाइट भी बना दी
जालसाजों ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक वेबसाइट ईटेंडर्स डॉट जीओवी डॉट इन भी बना डाली। इसका एक वेबपेज बनाया गया है। इसमें मेट्रो के टेंडर की जानकारी होने का दावा करते हुए नोटिस में जानकारी दी गई है। यूपीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि यह लिंक पूरी तरह फर्जी है। ऐसे में किसी को भी इस तरह के फ्रॉड से बचने और निवेश करने की स्थिति में पुलिस में शिकायत करने की अपील यूपीएमआरसी ने की है।

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