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किराए पर चलने के लिए दिए 14 ट्रक गायब कर दिए
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लखनऊ। हुसैनगंज के ट्रांसपोर्टर ने बाराबंकी के व्यापारी को 14 ट्रक किराए पर संचालन के लिए दिए थे जो लापता हैं। ट्रांसपोर्टर ने किराया न मिलने पर ट्रक वापस मांगे तो पता चला कि जाली कागजात तैयार कर ट्रक दूसरे शहरों में भेज दिए गए हैं। ट्रांसपोर्टर ने आठ ट्रक वापस हासिल कर लिए लेकिन छह ट्रक अब भी दूसरे लोगों के कब्जे में हैं। ट्रांसपोर्टर ने हुसैनगंज थाने में कारोबारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्णवीर सिंह के मुताबिक, जयनारायण रोड निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह ट्रांसपोर्ट का काम करते है। राजेंद्र सिंह के मुताबिक, बाराबंकी पुरेबरवन निवासी अब्दुल रब को वह काफी समय से जानते थे। अब्दुल ट्रक चलवाने का काम करता था। राजेंद्र के मुताबिक, 16 जुलाई 2021 को उन्होंने 14 ट्रक खरीदे थे जिन्हें चलवाने का जिम्मा अब्दुल को दिया था। एग्रीमेंट के मुताबिक ट्रक से होने वाला मुनाफा उन्हें मिलना था। अब्दुल ने कुछ महीने किराया दिया था। फिर उसने रुपये देने बंद कर दिए।
छानबीन में पता चला कि अब्दुल को हत्या के आरोप में बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजेंद्र के मुताबिक, गिरफ्तारी से पूर्व ही अब्दुल ने उनके ट्रक दूसरे लोगों को सौंप दिए थे जिसके बदले उसने रुपये वसूले थे। ट्रक चालकों से संपर्क करने पर उन्हें आठ ट्रक किसी तरह से वापस मिल गए थे। वहीं, छह ट्रक दूसरे लोगों के पास है। राजेंद्र के मुताबिक, दो ट्रक बरेली निवासी मो. वसीम, गौरव सक्सेना, पीलीभीत निवासी फारुख रजा और बरेली भोजीपुरा निवासी मो. हनीफ मिलकर चलवा रहे हैं। इसके अलावा झारखंड पश्चिमी सिंह भूमि निवासी घनश्याम यादव और उज्जैन निवासी इरशाद नागौरी के पास भी उनके ट्रक है। राजेंद्र ने इन लोगों से संपर्क कर ट्रक लौटाने के लिए कहा था लेकिन वह लोग तैयार नहीं हुए।
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प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्णवीर सिंह के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर इरशाद नागौरी, जियाउल हक, घनश्याम यादव, अख्तर हुसैन, अब्दुल, मो. हनीफ , फारुख रजा, गौरव सक्सेना, मो. वसीम और अब्दुल रब के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्णवीर सिंह के मुताबिक, जयनारायण रोड निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह ट्रांसपोर्ट का काम करते है। राजेंद्र सिंह के मुताबिक, बाराबंकी पुरेबरवन निवासी अब्दुल रब को वह काफी समय से जानते थे। अब्दुल ट्रक चलवाने का काम करता था। राजेंद्र के मुताबिक, 16 जुलाई 2021 को उन्होंने 14 ट्रक खरीदे थे जिन्हें चलवाने का जिम्मा अब्दुल को दिया था। एग्रीमेंट के मुताबिक ट्रक से होने वाला मुनाफा उन्हें मिलना था। अब्दुल ने कुछ महीने किराया दिया था। फिर उसने रुपये देने बंद कर दिए।
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छानबीन में पता चला कि अब्दुल को हत्या के आरोप में बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजेंद्र के मुताबिक, गिरफ्तारी से पूर्व ही अब्दुल ने उनके ट्रक दूसरे लोगों को सौंप दिए थे जिसके बदले उसने रुपये वसूले थे। ट्रक चालकों से संपर्क करने पर उन्हें आठ ट्रक किसी तरह से वापस मिल गए थे। वहीं, छह ट्रक दूसरे लोगों के पास है। राजेंद्र के मुताबिक, दो ट्रक बरेली निवासी मो. वसीम, गौरव सक्सेना, पीलीभीत निवासी फारुख रजा और बरेली भोजीपुरा निवासी मो. हनीफ मिलकर चलवा रहे हैं। इसके अलावा झारखंड पश्चिमी सिंह भूमि निवासी घनश्याम यादव और उज्जैन निवासी इरशाद नागौरी के पास भी उनके ट्रक है। राजेंद्र ने इन लोगों से संपर्क कर ट्रक लौटाने के लिए कहा था लेकिन वह लोग तैयार नहीं हुए।
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प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्णवीर सिंह के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर इरशाद नागौरी, जियाउल हक, घनश्याम यादव, अख्तर हुसैन, अब्दुल, मो. हनीफ , फारुख रजा, गौरव सक्सेना, मो. वसीम और अब्दुल रब के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।