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तुलसी में मिलेगी नींबू की खुशबू और स्वाद
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 20 Sep 2014 01:41 PM IST
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तुलसी अनेक गुणों का खजाना है लेकिन अब तुलसी में नींबू की खुशबू और स्वाद भी मिलेगा। सीएसआईआर के स्थापना दिवस के अवसर पर सीमैप ने नई वैराइटी सिम ज्योति विकसित की है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लेमन घास का विकल्प बनेगी, जो 70-80 दिन में ही रिजल्ट देगी। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के स्थापना दिवस पर शुक्रवार को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट (सीमैप) ने नई वैराइटी सिम ज्योति लॉंच की।
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सीमैप निदेशक डॉ. अनिल त्रिपाठी ने भारतीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष प्रो. दीपंकर चटर्जी और भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. जेपी खुराना के हाथों इसे लॉंच कराया।
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यह वैराइटी सीमैप के वैज्ञानिक डॉ. आरके लाल और उनकी टीम ने विकसित की है। डॉ. लाल के मुताबिक नींबू की खुशबू को इस तुलसी (वैज्ञानिक नाम आसिमम अफ्रिकैनम) को पादप प्रजनन तकनीक से अधिक औषधीय और सुगंध तेल के लिए तैयार किया गया।
इस वैराइटी में खुशबू के लिए प्रमुख तत्व सिट्रॉल 68-75 प्रतिशत तक ज्यादा मिला है। इसमें तुलसी की खुशबू के साथ स्वाद भी मिलेगा। वहीं, इसकी मूल वैराइटी में केवल 10-15 प्रतिशत ही सिट्रॉल होता था।
सिम ज्योति की उपज भी 150 किग्रा प्रति हेक्टेयर होगी। सिम ज्योति को किसान केवल 70-80 दिन में तैयार कर लेंगे।
मुख्य वक्ता दिल्ली यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर जेपी खुराना ने कहा कि बेहतर फसलों के लिए अब जीन नहीं जीनोम संरचना पर काम करने की जरूरत है।
इससे हमें ऐसी फसलों को विकसित करने में मदद मिलेगी, जो बीमारियों से पूरी तरह मुक्त हो। निदेशक प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि मेंथा के क्षेत्र में सीमैप ने बेहतरीन काम किया है।
किसान और स्थानीय इंडस्ट्री पर आयातित मेंथा ऑयल खतरा बना हुआ है। दोनों ही लोग अब सीमैप से आशा कर रहे हैं कि हम नई वैराइटी अधिक उत्पादकता के साथ उन्हें उपलब्ध कराएं।