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Lucknow: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने लखनऊ में मध्यस्थता के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की सराहना
Tue, 31 Oct 2023 03:00 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 31 Oct 2023 03:00 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कृष्ण मुरारी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी ने उत्तर प्रदेश में मध्यस्थता संस्थान , सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन के गठन और स्थापना का स्वागत किया। उन्होंने सोमवार को लखनऊ में केंद्र का दौरा किया और ट्रस्टियों से मुलाकात की।
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उन्होंने कहा, 'लखनऊ में शुरू किया गया मध्यस्थता उत्कृष्टता केंद्र एक बहुत अच्छी पहल है। मुझे केंद्र के साथ आर्बिट्रेटर के रूप में जुड़ने और नामांकित होने पर खुशी महसूस हो रही है। यदि हमारे देश को मध्यस्थता के लिए एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनना है तो ऐसे और अधिक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि मैं केंद्र के न्यासी बोर्ड के प्रयासों की अत्यधिक सराहना करता हूं और इसकी बड़ी सफलता की कामना करता हूं। इसके अलावा, मीटिंग में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, माननीय न्यायमूर्ति गोविंद माथुर, जो जोधपुर से शामिल हुए। प्रशांत चंद्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता, मनीष मेहरोत्रा, वकील और एक प्रसिद्ध आर्बिट्रेटर वकील, प्रवीर कुमार, आईएएस ( सेवानिवृत्त) और मुकेश बहादुर सिंह, अध्यक्ष इंडो अमेरिकन चेम्बर, स्टेट हेड इंडो कनेडीयन चेम्बर, मनीष मेहरोत्रा एडवोकेट ने एडीआर प्रक्रिया के माध्यम से विवाद समाधान की भूमिका और भविष्य पर प्रकाश डाला और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में इसके प्रमुख योगदान पर प्रकाश डाला।
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मुकेश सिंह ने सीईएमए की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों और उद्योगों के दृष्टिकोण को व्यक्त किया। प्रशांत चंद्रा ने कहा कि वाणिज्यिक विवादों को प्रभावी ढंग से और सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए संस्थागत मध्यस्थता आज की आवश्यकता है और इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्रों की तर्ज पर एक पूरी तरह से स्वायत्त केंद्र स्थापित किया गया है जैसे सिंगापुर और लंदन में होता है।