वनवास भोग रहे यूपी भाजपा नेताओं की होगी 'घर वापसी'
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मिशन-2017 की तैयारियों में जुटी भाजपा ने वनवास भोग रहे नेताओं को भी कामधाम पर लगाने का फैसला किया है। इस पर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा। इन नेताओं को पार्टी से पहली बार जुड़ रहे लोगों को सहेजने व संवारने की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इन्हें किसान पंचायतों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है।
इस फैसले की पृष्ठभूमि में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के पहले यूपी दौरे में जताई गई चिंता नजर आती है। तब माथुर ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक की लंबी फौज है।
अगर इन सबको काम में जुटा दिया जाए तो 2017 में यूपी में भाजपा को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। यह भी कहा था कि वह हर आदमी को काम देंगे। उनके पास काम की कोई कमी नहीं है।
...इस तरह अपनी सेवाएं देंगे पदाधिकारी
सूत्रों के अनुसार, माथुर ने हाल ही लखनऊ में चार दिन के प्रवास के दौरान पार्टी के पुराने नेताओं व निवर्तमान पदाधिकारियों के बारे में भी पूरा फीडबैक लिया। कई लोगों से मिले। उसी के आधार पर पुराने नेताओं को सक्रिय करने की कार्ययोजना बनाई गई है।
इन नेताओं को अपने क्षेत्रों में पुराने लोगों खासतौर से पुराने पदाधिकारियों के समूह गठित करने के साथ पार्टी से पहली बार जुड़े लोगों को भाजपा की रीति नीति व सिद्धांतों से परिचित कराने का जिम्मा दिया जाएगा।
सक्रिय होंगी समन्वय समितियां
प्रदेश में एक तरह से निष्क्रिय हो चुकी संगठन की कोर कमेटियों व समन्वय समितियों को फिर से सक्रिय करने की जिम्मेदारी भी इन पुराने नेताओं के कंधे पर होगी।
पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठकों में इन्हें बुलाने की परंपरा भी जल्द शुरू करने की योजना बनी है। प्रदेश में ओमप्रकाश सिंह, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही व विनय कटियार सहित कई नेता लंबे समय से पार्टी की मुख्य गतिविधियों से बाहर ही दिखते हैं।
बनाया पूरे यूपी को मथने का प्लान
संगठनात्मक गतिविधियों से लेकर सड़क पर आंदोलन तक में इनकी भागीदारी नहीं दिखती। यही हाल जिलों में भी है। पदों से हटने के बाद स्थानीय स्तर के नेता एक तरह से संगठनात्मक गतिविधियों से दूर हो जाते हैं।
माथुर के नए प्लान के मुताबिक निकट भविष्य में होने वाले आंदोलनों से लेकर पंचायत चुनाव तक में इन्हें लगाया जाएगा।
किसान पंचायतों के जरिये किसानों के बीच भाजपा की किसान हितैषी छवि को चमकाने की जिम्मेदारी भी इन्हें सौंपी गई है।
प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह कहते हैं कि भाजपा ने पूरे प्रदेश को मथने का फैसला किया है। नेता व कार्यकर्ता काम में लगे हैं। सभी पुराने व वरिष्ठ नेताओं के अनुभव व दूरदृष्टि का लाभ उठाते हुए मिशन-2017 को पूरा किया जाएगा।