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11 हत्याओं के बाद जागा वन विभाग, सोनभद्र में दो लाख हेक्टेयर जमीन पर लेगा कब्जा
Sun, 22 Dec 2019 02:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 22 Dec 2019 02:34 AM IST
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सोनभद्र में वन विभाग अपनी करीब दो लाख हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लेगा। जमीन लेने की यह प्रक्रिया ग्रामवार पूरी की जाएगी। कुल 433 गांवों में यह प्रक्रिया पूरी होनी है। इसके लिए रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही राजस्व व वन विभाग की टीम मौके का संयुक्त सर्वे प्रारंभ करेगी।
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जुलाई में सोनभद्र में जमीन विवाद में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए योगी सरकार ने विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
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रिकॉर्ड की पड़ताल में सामने आया कि नब्बे के दशक में सोनभद्र के ओबरा डिवीजन में 146104.483 हेक्टेयर और रेनुकूट डिवीजन में 102338.37 लाख हेक्टेयर जमीन भारतीय वन अधिनियम की धारा-4 के तहत नोटिफाई की गई थी।
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सुनवाई के बाद इस जमीन को अधिनियम की धारा-20 के तहत अंतिम तौर पर वन भूमि के तौर पर दर्ज किया जाना था, लेकिन आज तक महज 45517.152 हेक्टेयर जमीन पर ही धारा-20 की कार्रवाई हुई। यानी, अभी तक 202925.701 हेक्टेयर भूमि पर धारा-20 के तहत कब्जा लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। यह जमीन कुल 433 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्थित है।
माना जा रहा है कि जब तक वन विभाग अपनी इस जमीन पर कब्जा नहीं लेगा, तब तक तमाम लोग इस पर अपना दावा करते रहेंगे। कभी भी यह दावे उनके बीच झगड़ा-फसाद की वजह बन सकते हैं।
इसलिए शासन ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धारा-20 की कार्यवाही के लिए राजस्व विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया जाए। एक साथ सभी गांवों में यह कार्यवाही शुरू होने पर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, इसलिए तय हुआ है कि हर तहसील के एक ग्राम पंचायत को इकाई मानते हुए कब्जे की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।
एक ग्राम पंचायत में ही कार्यवाही होने पर तहसील के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर एक साथ काम का ज्यादा बोझ भी नहीं आएगा, वहीं कोई विवाद सामने आने पर उसका न्यायपूर्ण हल भी निकाला जा सकेगा।
इस बारे में संपर्क किए जाने पर प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण सुधीर गर्ग ने कहा, फिलहाल मीडिया को कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हूं। इतना जरूर कहा कि अब वन विभाग अपनी जमीन को लेकर काफी सजग है।
क्या है धारा-4 और धारा-20
भारतीय वन अधिनियम की धारा-4 के तहत सरकार किसी भूमि को वन क्षेत्र में शामिल किए जाने का इरादा जाहिर करती है। वहीं, अधिनियम की धारा-20 के तहत वो भूमि अंतिम तौर पर वन क्षेत्र घोषित कर दी जाती है।