{"_id":"5ae98c484f1c1b350a8b7a5a","slug":"flight-facility-will-be-available-from-next-year-in-kushinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले साल से कुशीनगर से शुरू हो जाएंगी विमान सेवाएं, इन जिलों में भी काम प्रगति पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले साल से कुशीनगर से शुरू हो जाएंगी विमान सेवाएं, इन जिलों में भी काम प्रगति पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 02 May 2018 03:30 PM IST
विज्ञापन
कुशीनगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा है कि कुशीनगर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से 2019 से विमान सेवाएं शुरू कर दी जाएगी। कानपुर देहात में बन रही नई हवाई पट्टी के रनवे और बाउंड्रीवाल का भी काम पूरा हो चुका है।
वे अमौसी एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) से विकसित होने वाले हवाई अड्डों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नंदी ने बताया कि कुशीनगर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। मंत्री ने चित्रकूट हवाईपट्टी के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जतायी। इस पर उन्हें बताया गया कि यह दिक्कत विस्तार के लिए 63 हेक्टेयर भूमि न मिलने से है। उन्होंने इसके लिए वन विभाग से जल्दी एनओसी लेने को कहा।
विज्ञापन
इसके अलावा आगरा एवं कानपुर एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव बनाने, आरसीएस के दूसरे चरण में आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, इलाहाबाद, बरेली, झांसी, चित्रकूट और सोनभद्र में बनने वाले हवाई अड्डों की प्रगति की जानकारी ली।
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के लिए साइट क्लीयरेंस, रक्षा व गृह मंत्रालयों की एनओसी और इमिग्रेशन सर्विसेज की सहमति मिल गई है। यह परियोजना चार चरणों में परी होगी। इसके लिए 1441 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।
विज्ञापन
वे अमौसी एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) से विकसित होने वाले हवाई अड्डों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
नंदी ने बताया कि कुशीनगर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। मंत्री ने चित्रकूट हवाईपट्टी के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जतायी। इस पर उन्हें बताया गया कि यह दिक्कत विस्तार के लिए 63 हेक्टेयर भूमि न मिलने से है। उन्होंने इसके लिए वन विभाग से जल्दी एनओसी लेने को कहा।
विज्ञापन
इसके अलावा आगरा एवं कानपुर एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव बनाने, आरसीएस के दूसरे चरण में आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, इलाहाबाद, बरेली, झांसी, चित्रकूट और सोनभद्र में बनने वाले हवाई अड्डों की प्रगति की जानकारी ली।
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के लिए साइट क्लीयरेंस, रक्षा व गृह मंत्रालयों की एनओसी और इमिग्रेशन सर्विसेज की सहमति मिल गई है। यह परियोजना चार चरणों में परी होगी। इसके लिए 1441 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।