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पारिजात में फ्लैटों की समस्याओं पर हाईकोर्ट में होगी याचिका
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पारिजात वेलफेयर सोसाइटी ने बनाई अधिवक्ताओं की पांच सदस्यीय टीम
एलडीए के बनाए विक्रांतखंड के पारिजात अपार्टमेंट के आवंटी अपनी समस्याओं को दूर कराने के लिए अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं की पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें पारिजात के पूर्णता प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी जाएगी। बैठक में विरोध दर्ज कराने के लिए एलडीए के विरोध वाले बैनर भी लगाए गए।
सोसाइटी के सचिव समर विजय सिंह ने बताया कि रविवार को अपार्टमेंट में एक बैठक की गई। इसमें निरंकुश हो चुके प्राधिकरण के अभियंताओं व बेलगाम ठेकेदार की वजह से आठ साल की देरी के बाद भी अधूरे पड़े कामों को लेकर वार्ता हुई। बैठक में बताया गया कि अपूर्ण योजना में बिना पार्किंग, मूलभूत सुविधाओं के फर्जी रिपोर्ट के आधार पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर लिया गया। इसे निरस्त कराए जाने की मांग भी उठी। तय किया गया कि पांच अधिवक्ताओं की टीम हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आवंटियों के हक की लड़ाई लड़े। इसके अलावा एक तीन सदस्यीय टीम प्राधिकरण और रेरा में वादों के लिए समन्वय करेगी। बचे हुए कार्य जैसे अंतिम पुताई ,पार्किंग, बैरियर, सीसीटीवी, गैस कनेक्शन, सुसज्जित क्लब हाउस बेसमेट की सफ़ाई के साथ-साथ 45 दिन में क़ब्जे दिए जाने पर विशेष जोर देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा फ़्री होल्ड शुल्क, अतिरिक्त क्षेत्रफल के सापेक्ष ली गई धनराशि के औचित्य पर भी सवाल खड़े किए गए।
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एलडीए के बनाए विक्रांतखंड के पारिजात अपार्टमेंट के आवंटी अपनी समस्याओं को दूर कराने के लिए अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं की पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें पारिजात के पूर्णता प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी जाएगी। बैठक में विरोध दर्ज कराने के लिए एलडीए के विरोध वाले बैनर भी लगाए गए।
सोसाइटी के सचिव समर विजय सिंह ने बताया कि रविवार को अपार्टमेंट में एक बैठक की गई। इसमें निरंकुश हो चुके प्राधिकरण के अभियंताओं व बेलगाम ठेकेदार की वजह से आठ साल की देरी के बाद भी अधूरे पड़े कामों को लेकर वार्ता हुई। बैठक में बताया गया कि अपूर्ण योजना में बिना पार्किंग, मूलभूत सुविधाओं के फर्जी रिपोर्ट के आधार पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर लिया गया। इसे निरस्त कराए जाने की मांग भी उठी। तय किया गया कि पांच अधिवक्ताओं की टीम हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आवंटियों के हक की लड़ाई लड़े। इसके अलावा एक तीन सदस्यीय टीम प्राधिकरण और रेरा में वादों के लिए समन्वय करेगी। बचे हुए कार्य जैसे अंतिम पुताई ,पार्किंग, बैरियर, सीसीटीवी, गैस कनेक्शन, सुसज्जित क्लब हाउस बेसमेट की सफ़ाई के साथ-साथ 45 दिन में क़ब्जे दिए जाने पर विशेष जोर देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा फ़्री होल्ड शुल्क, अतिरिक्त क्षेत्रफल के सापेक्ष ली गई धनराशि के औचित्य पर भी सवाल खड़े किए गए।
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