छात्रा से छेड़छाड़ व बाइक से कुचलकर मार देने के मामले में कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
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सुल्तानपुर के लंभुआ में छात्रा के साथ छेड़छाड़ और बाइक से कुचलने के मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसपी ने इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने ये कार्रवाई सीओ लंभुआ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रविवार को की।
पुलिसकर्मियों पर घटना को हल्के में लेने के साथ ही तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज करने का आरोप साबित हुआ है। अब पुलिस ने पूर्व में दर्ज एफआईआर में धारा 308 को धारा 304 में तरमीम कर दिया है। ‘अमर उजाला’ ने छात्रा के साथ हुई घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली छात्रा आठ अगस्त को साइकिल से घर जा रही थी। कॉलेज के पास ही बाइक सवार तीन छात्रों ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी। छात्रा के विरोध करने पर तीनों लड़कों ने उसे बाइक से कुचल दिया था। लंभुआ कोतवाल संजय सिंह मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर छात्रा की दादी को तीन दिन तक कोतवाली के चक्कर लगवाते रहे।
तीन दिन बाद 11 अगस्त को लंभुआ इंस्पेक्टर ने एएसपी ग्रामीण शिवराज की फटकार के बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। इसी बीच ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान 16 अगस्त को छात्रा की मौत हो गई थी। ‘अमर उजाला’ ने जब इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस महकमे की नींद खुली और एसपी हिमांशु कुमार ने कड़ी कार्रवाई की।
क्षम्य नहीं होंगे महिलाओं के साथ अपराध : एसपी
एसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि सीओ की जांच रिपोर्ट में इंस्पेक्टर लंभुआ संजय सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी एसआई सच्चिदानंद पाठक, सिपाही पवन यादव और यूपी 100 में तैनात एसआई आरटी वर्मा व सिपाही सुशील मौर्य को सस्पेंड कर दिया गया है।
छात्रा की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर में धारा 308 को धारा 304 में तरमीम कर दिया गया है। एसपी ने रविवार को बताया कि किसी भी सूरत में महिलाओं/छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अमर उजाला की खबर से लखनऊ तक मचा था हड़कंप
अमर उजाला ने ‘छेड़खानी के विरोध में छात्रा को बाइक से कुचला, मौत’ शीर्षक से 17 अगस्त को समाचार प्रकाशित किया था। 18 अगस्त को ‘पुलिस की लापरवाही दबाने की कोशिश’ शीर्षक से अमर उजाला ने इसे फिर मुद्दे को उठाया।
दोनों खबरें प्रकाशित होने के बाद जिले से लेकर लखनऊ तक पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और रविवार को एसपी हिमांशु कुमार ने घटना में दोषी पाए गए पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।