राममंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा, जल्द ही भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा: मुख्यमंत्री योगी
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रामलला को नए भवन में शिफ्ट करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राममंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है। जल्द ही भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा। नवनिर्मित वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला को विराजमान करने के बाद उन्होंने देशवासियों को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और नव संवत्सर की बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामलला अपने नए आसन पर विराजमान होकर हम सब पर अपनी कृपा और आशीर्वाद निरंतर प्रदान करते रहेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश वर्तमान में जिस नई वैश्विक बीमारी से सामना करने के लिए तैयार हुआ है, इसकी दुनियाभर के तमाम संगठनों ने सराहना की है।
सीएम योगी ने कहा, वैश्विक आपदा कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार न जो दिशा निर्देश दिए हैं हम सबको उसका पालन करना चाहिए ताकि हम इस संकट से निकल सकें। मार्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी तरह हम भी अपनी मर्यादा में रहकर इस संकट का सामना करें।
रामलला अखिल ब्रह्मांड के नायक और सृष्टि नियंता के रूप में शिरोधार्य हैं पर ऐतिहासिक तथ्य यह है कि उनकी जन्मभूमि की अस्मिता 492 वर्ष से संक्रमित रही है।
मुख्यमंत्री ने दिया 11 लाख का चेक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला को अनुष्ठान पूर्वक अस्थायी मंदिर में शिफ्ट करने के बाद 11 लाख रुपये का चेक भी रामलला को दान दिया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने स्वयं के खाते से 11 लाख का चेक सौंपा और कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेंगे।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भेजा छप्पन भोग
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने रामलला के लिए छप्पन भोग का प्रसाद भिजवाया। जिसे विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने रामलला को चढ़ाया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीराम लला को छप्पन भोग का प्रसाद समर्पित कर राष्ट्र समाज पर आये संकट से मुक्ति और कल्याण की प्रार्थना की है। देश में लॉकडाउन के चलते वह अयोध्या नहीं पहुंच सके।
साढ़े नौ किलो चांदी के सिंहासन पर विराजे रामलला
432 वर्ग फीट के वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला की गरिमा व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध और दर्शनार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। सोमवार को ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं अयोध्या राजपरिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र ने साढ़े नौ किलो चांदी का भव्य सिंहासन भेंट किया। इसी सिंहासन पर बुधवार को रामलला को विराजित किया गया।
नया भवन जर्मन एवं इस्टोनिया पाइन से बना है। मंदिर की लंबाई 24 फिट, चौड़ाई 17 फिट व ऊंचाई 19 फिट है। इसके ऊपर 35 इंच का शिखर है। यह लकड़ी सभी मौसम में एक समान रहेगी।
संकल्प की सिद्धि का पहला चरण पूरा: महंत नृत्यगोपाल दास
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि वर्षों की संकल्प की सिद्धि का पहला चरण पूरा हुआ है। वर्षों की साध जो हृदय में समायी हुई थी वह अब प्रस्फुटित होती नजर आ रही है। रामलला के नए घर में विराजने की खुशी असीम है।
रामलला का टेंटवास खत्म होने से हम आह्लादित है। अब ज्यादा दिन नहीं बचा है, दो वर्षों के भीतर रामलला के दिव्य-भव्य मंदिर का भी निर्माण पूरा हो जाएगा और रामलला दिव्य भवन में विराजेंगे।
नए भवन में आरती कर हो रही सुखद अनुभूति: सत्येंद्र दास
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मानस की पंक्ति जो आनंद सिंधु सुख राशि, सीकर ते तैलोक सुपासी...के जरिए कहा कि जिस प्रकार समुद्र का आनंद अथाह सागर है, ऐसा ही आनंद का सागर राम के दरबार में दिखा। जिस सागर की एक बूंद से भी निकलने वाला सुख आनंद के समान है। कुछ इसी तरह की अनुभूति हुई।
रामलला को 27 वर्षों बाद नए मंदिर में विराजित होते देखने मानो स्वप्न का साकार होना है। अब वह दिन दूर नहीं जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेगें।