Greater Noida: अगस्त में शुरू हो जाएगा ग्रेटर नोएडा में पहला डाटा सेंटर, निवेशकों की बढ़ी यूपी में रुचि
ग्रेटर नोएडा में पहला डाटा सेंटर अगस्त में शुरू हो जाएगा। 5000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे डाटा सेंटर में दुनिया की शीर्ष कंपनियां दिलचस्पी दिखा रही हैं। डाटा सेंटर और आईटी सेक्टर की नीतियों के कारण निवेशकों की रुचि यूपी में बढ़ी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में ग्रेटर नोएडा में 5000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पहला डाटा सेंटर अगस्त में शुरू हो जाएगा। निवेश प्रस्तावों से यह भी साफ हो गया कि दुनिया की शीर्ष कंपनियां अपने डाटा को उत्तर प्रदेश में ही स्टोर करना चाह रही हैं। आईटी सेक्टर में निवेश के लिए भी यूपी ही उनकी पहली पसंद बन रहा है। योगी सरकार की डाटा सेंटर और आईटी सेक्टर की नीतियां निवेशकों को भा रही हैं। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 80,024 करोड़ के जो एमओयू साइन हुए हैं, उनमें सर्वाधिक 35 प्रतिशत हिस्सा डाटा सेंटर और आईटी सेक्टर में ही आया है।
विश्लेषण से पता चलता है कि कुल निवेश का 25 प्रतिशत डाटा सेंटर को मिला है। इस क्षेत्र में कुल 19,928 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सात बड़ी परियोजनाएं हैं। इसके बाद आईटी सेक्टर को कुल निवेश का 10 प्रतिशत मिला है। अदाणी ग्रुप का दूसरा डाटा सेंटर नोएडा के सेक्टर 62 में है, जोकि जून 2024 तक चालू हो जाएगा। प्रदेश सरकार 250 मेगावाट डाटा सेंटर उद्योग विकसित किए जाने की मंशा से डाटा सेंटर नीति-2021 लाई थी।
इसके जरिये प्रदेश में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा। नोएडा पहले से ही देश के इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री का हब है। ऐसे में ग्रेटर नोएडा का इस इंडस्ट्री से जुड़े लोंगों के आकर्षण का स्वाभाविक केंद्र बनना तय है। प्रगति की यही रफ्तार रहा तो नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा भी दुनियां का दूसरा सिलिकॉन वैली (अमेरिका) जैसा होगा। इस नीति के अंतर्गत दी गई रियायतों के चलते 30 बड़े निवेशकों ने आईटी सेक्टर में निवेश करने में रुचि दिखाई।