{"_id":"863bf809f82405c11813deb639933d90","slug":"fire-in-the-factory-of-fome","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार कारखाने खाक कर गई कूड़े से निकली चिंगारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार कारखाने खाक कर गई कूड़े से निकली चिंगारी
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 05 Apr 2014 08:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमीनाबाद में मौलवीगंज के गंगा प्रसाद रोड पर शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी से लगी आग से फोम व रुई के चार कारखाने खाक हो गए।
विज्ञापन
आग बुझाने में चार लोग झुलस गए। आग से आसपास की कई दीवारें चटक गई और एक कारखाने व मकान की जर्जर दीवारें ढह गईं।
पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और मौलवीगंज के मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोककर बिजली काट दी। जानकारी के बावजूद दमकलकर्मियों को पहुंचने में एक घंटा लग गया।
विज्ञापन
गली संकरी होने से छोटा दमकल वाहन ही अंदर जा सका। दमकल कर्मियों ने छह घंटे बाद आग पर काबू पाया। 20 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
गंगा प्रसाद रोड पर पुराने घरों के मोहल्ले में 50 से अधिक फोम व रुई के कारखाने हैं। नाले के पास कारखाने में काम कर रहे मजदूर रॉ-मटेरियल फेंकते हैं।
बकौल पुलिस, चिकमंडी के रईस अहमद, उनके भाई जमील अहमद का फोम व रुई का फेमस कार्डिंग एवं न्यू कार्डिँग मिल नाम से कारखाना है।
दोनाें भाइयों ने नीचे हिस्से में गोदाम ऊपरी मंजिल पर कारखाना बना रखा है। वहीं, मौलवीगंज के रेहान ने व्यवसायी मंजूर के यहां किराए पर गोदाम ले रखा है।
मंजूर व रेहान ने मकान के पिछले हिस्से में गोदाम बना रखा है। जबकि, ऊपरी मंजिल पर मंजूर परिवार के साथ रहते हैं। डेढ़ बजे रईस के गोदाम स्थित नाले के पास कूड़े के ढेर में आग लग गई।
विज्ञापन
इससे निकली चिंगारी रईस अहमद के फॉम व रुई के गोदाम में जा गिरी। धुआं देख मोहल्ले के अशरफ ने गोदाम मालिक रईस, पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी।
गोदाम में आग की लपटें सीढ़ियों तक आ गई। इससे मजदूरों ने छत के रास्ते नाले में कूदकर और पड़ोस के छत पर कूद जान बचाई। थोड़े ही देर में आग ने रईस के भाई जमील के गोदाम को भी चपेट में ले लिया।
आग दोनों भाइयों के ऊपरी मंजिल के कारखाने तक पहुंच गई। धीरे-धीरे आग पड़ोस में रेहान के गोदाम तक पहुंच गई और मंजूर के गोदाम को भी चपेट में ले लिया।
मंजूर ने बमुश्किल, पत्नी व बच्चों को ऊपरी मंजिल से निकाला। इस बीच कारखानों में काम कर रहे मजदूरों ने भी भागकर जान बचाई। आग से घटना स्थल की आसपास की कई दीवारें चटक गईं।
जबकि, मंजूर के कारखाने व आमान के मकान की दीवार ढह गई। आमान के घर धुआं भरा था। सूचना के एक घंटे बाद दमकल की 14 गाड़ियां पहुंची। मगर, एक भी गाड़ी गली में नहीं घुस सकी।