SBI शाखा में लगी भीषण आग, इमारत खाक!
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भारतीय स्टेट बैंक की सदर शाखा में रविवार देर रात करीब एक बजे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से भीषण आग लग गई। इस पर काबू पाने में सेना और फायर ब्रिगेड की 21 गाड़ियों को चार घंटे लग गए। आग इतनी भीषण थी कि बैंक की दो मंजिला भव्य इमारत खाक हो गई।
वहां रखे फर्नीचर और करीब 35 कम्प्यूटर नष्ट हो गए। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, बैंक में करीब 30 हजार उपभोक्ताओं के खाते हैं, जिनके रिकॉर्ड ऑनलाइन होने के वजह से हादसे के बाद भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। रविवार होने की वजह से अन्य दस्तावेज भी खुले नहीं छोड़े गए थे। वहीं, बैंक का करेंसी चेस्ट और स्ट्रांग रूम के लॉकर भी आग से बच गए।
छावनी के सदर बाजार में करीब 60 साल पुरानी बिल्डिंग में 1965 से एसबीआई की शाखा चल रही थी। यहां छावनी परिषद मुख्यालय के अलावा सर्वाधिक बैंक खाते सेना के जवानों, अधिकारियों और पूर्व सैनिकों के हैं।
बैंक के सामने लगे ट्रांसफार्मर में रविवार रात करीब एक बजे आग लग गई। ट्रांसफार्मर के केबिल से निकली आग बैंक के अंदर तक पहुंच गई। दहशत के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सामने खड़े वाहनों को वहां से दूर हटाया।
दमकल पहुंचने से पहले विकराल हुई
बैंक से धुआं निकलते देख आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को फोन कर इसकी सूचना दी। करीब 1:50 बजे तक जब फायर ब्रिगेड की कोई गाड़ी नहीं पहुंची तो पास ही में रहने वाली डॉ. दिशा जग्गी ने सेना के कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब 2 बजे फायर ब्रिगेड की एक छोटी सी दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
एक-एक कर बुलाईं 15 गाड़ियां
दमकम कर्मियों ने फायर कंट्रोल रूम को आग के विकराल होने और आसपास घनी आबादी की सूचना दी और तत्काल बड़ी दमकल गाड़ियां भेजने को कहा। इस बीच 2:05 बजे सेना की छह दमकल गाड़ियां भी क्यूआरटी टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं।
सेना के दमकल ने आग पर काबू करने की कोशिश शुरू कि लेकिन तब तक बैंक के अगले हिस्से में लगी आग पीछे वाले हिस्से पहुंच चुकी थी। इसी बीच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी आ गईं। स्थिति देखकर एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां बख्शी का तालाब सहित कई इलाकों से मंगवाई गईं।
बैंक के पीछे गली में दमकल वाहन न पहुंचने के कारण लंबे पाइप लगाकर आग पर काबू करने का प्रयास किया गया। आग लगते ही लेसा ने समूचे क्षेत्र की बिजली काट दी। फायर ब्रिगेड और सेना के जवान अंधेरे में टॉर्च की मदद से आग बुझाने में जुटे रहे।
रह-रहकर भड़कती रही रिकॉर्ड रूम में आग
सेना ने 5:30 बजे आसपास के घरों से बैंक की बिल्डिंग का मुआयना किया और इसे खतरे से बाहर बताते हुए आग पूरी तरह बुझ जाने की बात कही।
उधर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वापसी के लिए तैयार हो रही थी कि रिकॉर्ड रूम में फिर आग लग गई। इस पर 6:30 बजे काबू पाया जा सका। रिकॉर्ड रूम में उस समय तो आग बुझ गई, लेकिन सुबह दस बजे दोबारा आग लगने के कारण फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।
इन शाखाओं में अब होगा काम
स्टेट बैंक की सदर बाजार शाखा में सेना के जवानों का वेतन, प्रशिक्षुओं का मानदेय, पूर्व सैनिकों की पेंशन, आसपास के व्यापारियों के चालू खाता और बड़ी संख्या में लोगों के बचत खाते और आरडी भी हैं।
इन लोगों को अब वित्तीय लेनदेन आसपास की पांच शाखाओं में करना होगा। स्टेट बैंक के अधिकारियों ने पांच नई शाखाओं को लेनदेन के लिए अपने कर्मचारियों की वहां तैनाती कर दी है।
-सब एरिया स्टेशन मुख्यालय डीबीबी शाखा
-आईआईएसआर शाखा
-चंदरनगर शाखा
-वृंदावन शाखा
-एमजी मार्ग शाखा
अंदर ही फंस गया था सुरक्षाकर्मी
बैंक की सुरक्षा में रात में एक ही गार्ड तैनात रहता है। आग लगने के समय वह बैंक पिछले हिस्से में था, जबकि आग सामने वाले हिस्से में लगी थी। आग देखकर गार्ड बदहवास हो गया।
बाहर निकलने का रास्ता नहीं पाने के कारण उसने पीछे के हिस्से में तेज आवाज लगाकर मदद की गुहार लगाई। आसपास के युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद बेलचा से पीछे का दरवाजा तोड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। युवकों ने लोन के कागजात से जुड़ी एक अलमारी को भी सुरक्षित बाहर निकाला। आग में उसकी बंदूक भी जल गई।
नहीं इस्तेमाल हुआ फायर उपकरण
बैंक के भीतर लगे अग्निशमक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं हो पाया। सुरक्षाकर्मी जब तक कुछ समझ पाता, आग उस हिस्से तक पहुंच गई जहां आग बुझाने के उपकरण लगे हुए थे। आग लगातार बढ़ते हुए अंदर के हिस्से तक पहुंच गई।
दो साल पहले हुआ था सुंदरीकरण
बैंक को दो साल पहले नया रूप दिया गया था। बैंक के बाहरी हिस्से को एल्यूमिनियम और प्लास्टिक की रंग बिरंगी शीट से कवर किया गया था। भीतर आलीशान कॉर्पेट के साथ कांच के कई केबिन भी थे। आग यहां प्लास्टिक की वॉल में तेजी से पकड़ी और भीतर कॉपेट को अपनी जद में लेते हुए अंतिम केबिन तक पहुंच गई।
रात में ही पहुंचे एसबीआई कर्मी
बैंक के भवन मालिक विकास मोहन अग्रवाल ने बैंक के ब्रांच मैनेजर योगेश टंडन को आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलने पर योगेश टंडन सहित बैंक के अधिकतर कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
आग पर काबू होने के बीच बैंककर्मी चेस्ट रूम और लॉकर की हालत की देखने में परेशान रहे। सुबह बैंक के एजीएम एएस पॉल और डीजीएम वीके चोपड़ा सहित सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। यहां भारतीय रिजर्व बैंके की टीम ने स्ट्रांग रूम के लॉकर और यहां रखी नकद की जांच की।
कई महीने बंद रहेगी शाखा
आग के कारण स्टेट बैंक की सदर शाखा का भवन पूरी तरह नष्ट हो गया है। जानकारों के मुताबिक अब भवन की दशा का परीक्षण होगा। इसकी छत और दीवार की हालत ऐसे ही कि इसे दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। दोबारा निर्माण के लिए बैंक को पहले छावनी परिषद से अपने बिल्डिंग प्लान की अनुमति लेनी होगी। इससे बैंक में कामकाज शुरू होने में कई महीने लग सकते हैं।