{"_id":"69e3e58c7c50750c400ad51c","slug":"fire-electricity-supply-to-18700-consumers-in-vikas-nagar-at-risk-lucknow-news-c-13-lko1096-1696974-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निकांड: विकास नगर के 18,700 उपभोक्ताओं की बिजली पर खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्निकांड: विकास नगर के 18,700 उपभोक्ताओं की बिजली पर खतरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। विकास नगर में हुए अग्निकांड से इलाके के 18,700 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति खतरे में पड़ गई है। इसका कारण है कि आग से 132 केवी नबी कोट नंदना पारेषण उपकेंद्र का दूसरा स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद से 132 केवी खुर्रमनगर पारेषण उपकेंद्र के सिंगल स्रोत से बिजली दी जा रही है। जिम्मेदारों को चिंता है कि इससे आपूर्ति बंद हुई तो विकासनगर, खुर्रमनगर के साथ कल्याणपुर के कुछ क्षेत्र में बिजली संकट की बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि अग्निकांड में ओवरहेड 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अब 450 मीटर लंबा तार बदलने के बाद ही बिजली चालू हो सकेगी। शनिवार सुबह तक स्टोर से जरूरी उपकरण न मिलने और घटनास्थल पर दोबारा झोपड़पट्टी बसने से ओवरहेड लाइन बनाने में दिक्कत आ रही है। शुक्रवार को दो तार बदले जा सके। तीसरे को बदलने के काम में उसके नीचे आ रही झोपड़ी बाधा डाल रही है। ठेकेदार के कर्मचारियों ने लाइन बदलने के बाद उसके नीचे झोपड़ी बनाने की बात कही तो लोग मारपीट पर आमादा हो गए। इस कारण शनिवार को तार नहीं बदले जा सके। अधिशासी अभियंता पंकज गुप्ता का कहना है कि विकास नगर उपकेंद्र को तीन स्रोतों से बिजली मिलती है। इनमें खुर्रमनगर के दो और नबी कोट नंदना पारेषण उपकेंद्र शामिल है। खुर्रमनगर पारेषण उपकेंद्र में तकनीकी खामी आ गई तो विकासनगर, खुर्रमनगर के पूरा हिस्से और कल्याणपुर के कुछ हिस्से को बिजली संकट झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन
उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि अग्निकांड में ओवरहेड 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अब 450 मीटर लंबा तार बदलने के बाद ही बिजली चालू हो सकेगी। शनिवार सुबह तक स्टोर से जरूरी उपकरण न मिलने और घटनास्थल पर दोबारा झोपड़पट्टी बसने से ओवरहेड लाइन बनाने में दिक्कत आ रही है। शुक्रवार को दो तार बदले जा सके। तीसरे को बदलने के काम में उसके नीचे आ रही झोपड़ी बाधा डाल रही है। ठेकेदार के कर्मचारियों ने लाइन बदलने के बाद उसके नीचे झोपड़ी बनाने की बात कही तो लोग मारपीट पर आमादा हो गए। इस कारण शनिवार को तार नहीं बदले जा सके। अधिशासी अभियंता पंकज गुप्ता का कहना है कि विकास नगर उपकेंद्र को तीन स्रोतों से बिजली मिलती है। इनमें खुर्रमनगर के दो और नबी कोट नंदना पारेषण उपकेंद्र शामिल है। खुर्रमनगर पारेषण उपकेंद्र में तकनीकी खामी आ गई तो विकासनगर, खुर्रमनगर के पूरा हिस्से और कल्याणपुर के कुछ हिस्से को बिजली संकट झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन