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Lucknow News: दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट में लगाया फर्जी समझौतानामा, अधिवक्ता व दो अन्य पर एफआईआर
Mon, 27 Jul 2026 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:15 AM IST
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लखनऊ। उन्नाव के थाना फतेहपुर चौरासी में तैनात दरोगा सतीश चंद्र ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता व दो अन्य पर कोर्ट में फर्जी समझौतानामा लगाने का आरोप लगाया है। दरोगा की तहरीर पर विभूतिखंड पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दरोगा सतीश ने बताया कि उन्हें हरदोई निवासी महिला की दुष्कर्म रिपोर्ट की जांच मिली थी। यह रिपोर्ट एक साल पहले फतेहपुर के रणधीर खेड़ा निवासी रामबाबू के खिलाफ दर्ज हुई थी। आरोप है कि रामबाबू के पिता खुशीराम और अधिवक्ता सुरेश कुमार यादव ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने 24 फरवरी 2026 को कोर्ट में समझौतानामा व शपथ पत्र दाखिल किया। दस्तावेज में समझौते की तिथि 15 दिसंबर 2025 लिखी थी। पीड़िता को जानकारी होने पर उसने 11 मई को हाईकोर्ट में सुलह से इन्कार किया। उसने हस्ताक्षर भी फर्जी बताए। हाईकोर्ट ने उसी दिन पुलिस अधीक्षक उन्नाव को जांच के आदेश दिए। जांच में तीनों पर लगे आरोप सही पाए गए। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा सईद अब्बास रजा कर रहे हैं। इससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
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दरोगा सतीश ने बताया कि उन्हें हरदोई निवासी महिला की दुष्कर्म रिपोर्ट की जांच मिली थी। यह रिपोर्ट एक साल पहले फतेहपुर के रणधीर खेड़ा निवासी रामबाबू के खिलाफ दर्ज हुई थी। आरोप है कि रामबाबू के पिता खुशीराम और अधिवक्ता सुरेश कुमार यादव ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने 24 फरवरी 2026 को कोर्ट में समझौतानामा व शपथ पत्र दाखिल किया। दस्तावेज में समझौते की तिथि 15 दिसंबर 2025 लिखी थी। पीड़िता को जानकारी होने पर उसने 11 मई को हाईकोर्ट में सुलह से इन्कार किया। उसने हस्ताक्षर भी फर्जी बताए। हाईकोर्ट ने उसी दिन पुलिस अधीक्षक उन्नाव को जांच के आदेश दिए। जांच में तीनों पर लगे आरोप सही पाए गए। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा सईद अब्बास रजा कर रहे हैं। इससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
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