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Lucknow News: पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर बुजुर्ग से 9.85 लाख की ठगी
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पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर बुजुर्ग से 9.85 लाख की ठगी
लखनऊ। हजरतगंज के पार्क रोड निवासी 72 वर्षीय अनिल कुमार श्रीवास्तव से पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर जालसाजों ने 9.85 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने 16 अक्तूबर को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
अनिल कुमार के अनुसार, 15 अक्तूबर को फेसबुक पर उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक का पेंशन कार्ड बनवाने संबंधी विज्ञापन देखा। उनका खाता भी उत्कर्ष बैंक में है, इसलिए उन्होंने पेंशन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया। विज्ञापन में दिए गए कॉल के विकल्प पर क्लिक करने के बाद उनके पास राहुल गाजी नाम के व्यक्ति का फोन आया। बातचीत के बाद उसने व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजा और जानकारी भरवाई। रात में उनके पास बैंक से मैसेज आया कि खाते से 85 हजार रुपये निकल गए हैं। साथ ही, उनकी दो एफडी बंद कर नौ लाख रुपये भी दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उनके बारे में संबंधित बैंकों से जानकारी जुटाई जा रही है।
डीसीपी क्राइम अनिल यादव ने बताया कि ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।
- पेंशन कार्ड बनवाने या पेंशन की किस्त जारी कराने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के निजी खाते में रकम न भेजें।
- बैंक खाते का ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी को न बताएं।
- व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए संदिग्ध लिंक के जरिये पेंशन कार्ड अपडेट न करें और न ही कोई अनजान एप डाउनलोड करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक पासबुक या पहचान पत्र की फोटो न भेजें। जरूरत पड़ने पर ही अधिकृत कार्यालय में दस्तावेज दें।
- कोई व्यक्ति पेंशन बंद होने, खाता सत्यापन या तत्काल भुगतान का दबाव बनाए तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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अनिल कुमार के अनुसार, 15 अक्तूबर को फेसबुक पर उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक का पेंशन कार्ड बनवाने संबंधी विज्ञापन देखा। उनका खाता भी उत्कर्ष बैंक में है, इसलिए उन्होंने पेंशन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया। विज्ञापन में दिए गए कॉल के विकल्प पर क्लिक करने के बाद उनके पास राहुल गाजी नाम के व्यक्ति का फोन आया। बातचीत के बाद उसने व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजा और जानकारी भरवाई। रात में उनके पास बैंक से मैसेज आया कि खाते से 85 हजार रुपये निकल गए हैं। साथ ही, उनकी दो एफडी बंद कर नौ लाख रुपये भी दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उनके बारे में संबंधित बैंकों से जानकारी जुटाई जा रही है।
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डीसीपी क्राइम अनिल यादव ने बताया कि ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।
- पेंशन कार्ड बनवाने या पेंशन की किस्त जारी कराने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के निजी खाते में रकम न भेजें।
- बैंक खाते का ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी को न बताएं।
- व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए संदिग्ध लिंक के जरिये पेंशन कार्ड अपडेट न करें और न ही कोई अनजान एप डाउनलोड करें।
- किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक पासबुक या पहचान पत्र की फोटो न भेजें। जरूरत पड़ने पर ही अधिकृत कार्यालय में दस्तावेज दें।
- कोई व्यक्ति पेंशन बंद होने, खाता सत्यापन या तत्काल भुगतान का दबाव बनाए तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर बुजुर्ग से 9.85 लाख की ठगी
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