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पूर्व सांसद कंछल के तीन बेटों पर फर्जीवाड़े का मुकदमा
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पूर्व सांसद के बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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कंछल ग्रुप ने 2016 में मोहनलालगंज के अपने प्रोजेक्ट को दूसरी कंपनी को बेच दिया। इसके बाद बैंक अधिकारियों से मिलकर उसी प्रोजेक्ट के नाम से खाते खोले और कई ग्राहकों को करोड़ों रुपये के वापसी के चेक काट डाले।
चेक बाउंस होने पर ग्राहकों ने रुपये वापस मांगे तो नई कंपनी के कार्यालय भेजकर वसूली कराने लगे। परेशान होकर नई कंपनी के अधिकारी अनुपम प्रकाश पांडेय ने कैसरबाग थाने में तहरीर दी।
इसके आधार पर कंछल ग्रुप के तीन निदेशकों अमित कंछल, सचिन कंछल और अतिन कंछल के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने व फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज किया है। तीनों पूर्व राज्यसभा सांसद बनवारी लाल कंछल के बेटे हैं।
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प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मान्या इंफ्राबिल्डवेल प्रा.लि. के निदेशक अनुपम प्रकाश पांडेय ने बताया कि उनका कार्यालय गंज ट्रेड सेंटर की तीसरी मंजिल पर है।
इसके पूर्व निदेशक अतिन कंछल थे। उन्होंने कंपनी का प्रोजेक्ट मोहनलालगंज के बीसीसी हाइट्स (पूर्व का नाम रोज हाइट) शुरू किया। इस प्रोजेक्ट व कंपनी को मान्या इंफ्रा बिल्डवेल प्रा.लि. के निदेशकों अमित कंछल, सचिन कंछल और अतिन कंछल ने जुलाई 2016 में बेच दिया।
इसके बाद उनका अधिकार समाप्त हो गया। अनुपम के मुताबिक, कंपनी के संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन पर है।
इसके बाद इस प्रोजेक्ट के तहत सभी भवनों को बेचने का अधिकार उनके पास था, लेकिन पूर्व के तीनों निदेशकों ने फर्जीवाड़ा कर कई लोगों को प्रोजेक्ट बेच दिए थे। उनसे करोड़ों रुपये वसूले थे।
तीनों आरोपी पूर्व सांसद राज्यसभा व व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के बेटे हैं। अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर आरोपी धमकी भी देते थे।
फर्जीवाड़ा कर खुलवाया खाता, काट दिए करोड़ों के चेक
अनुपम के मुताबिक, तीनों पूर्व निदेशकों ने बैंक के अफसरों से मिलकर जाली दस्तावेज तैयार कर खाता खुलवाया। पुराने प्रोजेक्ट के ग्राहकों को भवन नहीं दे सके। जब ग्राहकों ने दबाव बनाया तो फर्जी तरीके से खोले गए कंपनी के नाम के बैंक खाते से चेक काटने लगे। आरोप है कि करोड़ों रुपये के चेक काटे गए। यही नहीं, चेक बाउंस होने पर तीनों पूर्व निदेशक ग्राहकों को उनके कार्यालय भेजकर हंगामा कराते थे। कई बार शिकायत के बाद भी तीनों ने फर्जीवाड़ा बंद नहीं किया। परेशान होकर कैसरबाग थाने में शिकायत की। इस पर एसीपी कैसरबाग ने जांच कराई। प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मामला सही पाए जाने के बाद तीनों के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने व चेक काटने, जालसाजी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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चेक बाउंस होने पर ग्राहकों ने रुपये वापस मांगे तो नई कंपनी के कार्यालय भेजकर वसूली कराने लगे। परेशान होकर नई कंपनी के अधिकारी अनुपम प्रकाश पांडेय ने कैसरबाग थाने में तहरीर दी।
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इसके आधार पर कंछल ग्रुप के तीन निदेशकों अमित कंछल, सचिन कंछल और अतिन कंछल के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने व फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज किया है। तीनों पूर्व राज्यसभा सांसद बनवारी लाल कंछल के बेटे हैं।
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प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मान्या इंफ्राबिल्डवेल प्रा.लि. के निदेशक अनुपम प्रकाश पांडेय ने बताया कि उनका कार्यालय गंज ट्रेड सेंटर की तीसरी मंजिल पर है।
इसके पूर्व निदेशक अतिन कंछल थे। उन्होंने कंपनी का प्रोजेक्ट मोहनलालगंज के बीसीसी हाइट्स (पूर्व का नाम रोज हाइट) शुरू किया। इस प्रोजेक्ट व कंपनी को मान्या इंफ्रा बिल्डवेल प्रा.लि. के निदेशकों अमित कंछल, सचिन कंछल और अतिन कंछल ने जुलाई 2016 में बेच दिया।
इसके बाद उनका अधिकार समाप्त हो गया। अनुपम के मुताबिक, कंपनी के संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन पर है।
इसके बाद इस प्रोजेक्ट के तहत सभी भवनों को बेचने का अधिकार उनके पास था, लेकिन पूर्व के तीनों निदेशकों ने फर्जीवाड़ा कर कई लोगों को प्रोजेक्ट बेच दिए थे। उनसे करोड़ों रुपये वसूले थे।
तीनों आरोपी पूर्व सांसद राज्यसभा व व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के बेटे हैं। अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर आरोपी धमकी भी देते थे।
फर्जीवाड़ा कर खुलवाया खाता, काट दिए करोड़ों के चेक
अनुपम के मुताबिक, तीनों पूर्व निदेशकों ने बैंक के अफसरों से मिलकर जाली दस्तावेज तैयार कर खाता खुलवाया। पुराने प्रोजेक्ट के ग्राहकों को भवन नहीं दे सके। जब ग्राहकों ने दबाव बनाया तो फर्जी तरीके से खोले गए कंपनी के नाम के बैंक खाते से चेक काटने लगे। आरोप है कि करोड़ों रुपये के चेक काटे गए। यही नहीं, चेक बाउंस होने पर तीनों पूर्व निदेशक ग्राहकों को उनके कार्यालय भेजकर हंगामा कराते थे। कई बार शिकायत के बाद भी तीनों ने फर्जीवाड़ा बंद नहीं किया। परेशान होकर कैसरबाग थाने में शिकायत की। इस पर एसीपी कैसरबाग ने जांच कराई। प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के मुताबिक, मामला सही पाए जाने के बाद तीनों के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने व चेक काटने, जालसाजी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।