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सेना का डीजी बताकर नौकरी के नाम पर ठगे हजारों रुपये, घर पर लगा रखा डीजी कमांडो का बोर्ड

Fri, 09 Feb 2018 01:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 09 Feb 2018 01:10 PM IST
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fir against fake army officer in lucknow
डेमो
लखनऊ के इंदिरानगर में फैजान की मोबाइल फोन शॉप पर खरीदारी करने आए ठग ने खुद को सेना का डायरेक्टर जनरल बताकर रुतबा गांठा। इसके बाद सीतापुर स्थित सेना की कैंटीन में नौकरी दिलाने के नाम पर फैजान व तीन अन्य लोगों से रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिए।
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ठगी के शिकार चारों युवक फर्जी नियुक्तिपत्र लेकर नौकरी जॉइन करने पहुंचे तब खेल का खुलासा हुआ। पीड़ितों ने बृहस्पतिवार दोपहर गुडंबा थाना जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पीड़ित फैजान ने बताया कि उसकी दुकान पुराना खुर्रमनगर स्थित हामिद कॉम्प्लेक्स में है। दुकान में ओप्पो कंपनी के प्रमोटर मड़ियांव निवासी आकाश सिंह सहित अन्य कर्मचारी काम करते हैं।
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बीते महीने दुकान पर मोबाइल फोन एसेसरीज खरीदने आए सौरभ सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को सेना का डायरेक्टर जनरल बताया। उसने कहा था कि वह डीजी कमांडो के पद पर तैनात है।

पुलिस से की शिकायत

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बातचीत के दौरान ठग ने कहा कि सीतापुर स्थित सेना की कैंटीन में काउंटर मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर इंचार्ज व सुपरवाइजर के पदों पर भर्ती निकली है। खुद को भर्ती का प्रभारी बताते हुए फैजान से कहा कि अगर किसी की नौकरी लगवानी है तो वह सीधे संपर्क कर सकता है।

इस पर आकाश ने सुपरवाइजर पद के लिए उससे बातचीत की। ठग सौरभ ने उससे 50 हजार रुपये मांगे, लेकिन बात 38 हजार रुपये में तय हुई। आकाश ने उसे तीन किस्तों में रुपये भी दे दिए। इस बीच फैजान को पता चला तो उसने भी काउंटर मैनेजर के पद पर नौकरी के लिए ठग से संपर्क किया।

ठग ने उससे 80 हजार रुपये वसूले। फैजान ने ठग को इंदिरानगर निवासी मोहम्मद तारिक और अलीगंज के मुईन खान से भी मिलवाया। दोनों ने नौकरी के लिए नकद रुपये दिए। इसके बाद ठग ने चारों को नियुक्तिपत्र थमाए।

नियुक्तिपत्र डिफेंस मिनिस्ट्री सप्लायर कोर आर्म्ड की तरफ से था। मंगलवार को नियुक्तिपत्र लेकर चारों कैंटीन पहुंचे तो वहां से भगा दिया गया। कैंटीन के सुपरवाइजर ने बताया कि वहां कोई भर्ती नहीं निकली है और उन्हें दिया गया नियुक्तिपत्र फर्जी है। यह सुनकर चारों के होश उड़ गए और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
 

दुकान से मुफ्त में मोबाइल भी ले गया ठग

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ठग सौरभ सिंह ने गुडंबा के कल्यानपुर स्थित अपने मकान पर डीजी कमांडो का बोर्ड लगा रखा है। फैजान ने बताया कि अपनी नौकरी के लिए वह आकाश के साथ ठग के घर गया था। वहां उसने एक लाख रुपये मांगे, लेकिन इतनी रकम न होने की बात कहने पर वह 80 हजार रुपये में राजी हो गया।

उसके घर पर लगा बोर्ड देखकर ही फैजान को नौकरी मिलने का भरोसा हुआ था। पीड़ितों ने बताया कि यह बोर्ड दिखाकर ही उसने कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी की है। ठगी के शिकार युवक अपनी रकम मांगने ठग के घर पहुंचे तो उसने धमकाते हुए भगा दिया।

फैजान ने बताया कि नौकरी के लालच में वह इतनी बुरी तरह से ठग के जाल में फंस गया था कि उसे 12 हजार रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन भी दे दिया। नौकरी के नाम पर शातिर ने कई दुकानदारों से मुफ्त का सामान ऐंठा था।
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