{"_id":"5d470f928ebc3e6cc60b44bb","slug":"fir-against-193-people-over-kerosine-oil-corruption-jalaun-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी तेल घोटाला: 193 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी तेल घोटाला: 193 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर, जांच शुरू
Sun, 04 Aug 2019 10:33 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/लखनऊ
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 04 Aug 2019 10:33 PM IST
विज्ञापन
एफआईआर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालौन जिले में 2007 और 2008 में हुए मिट्टी के तेल (केरोसिन) घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) कानपुर शाखा ने 193 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें तब जालौन में उपजिलाधिकारी रहे इंद्रपाल सिंह और जिलापूर्ति अधिकारी रघुवीर प्रसाद समेत दो डीलर और आधा दर्जन पेट्रोल पंप संचालकों को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
दरअसल, वर्ष 2007-2008 में जालौन जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किया था। स्थानीय लोगों को राहत के लिए तीन महीने अतिरिक्त मिट्टी का तेल सरकार की ओर से आवंटित किया गया था। अधिकृत डीलर के अतिरिक्त इस मिट्टी के तेल का वितरण पेट्रोल पंप संचालकों को कर दिया गया। इस मामले की शिकायत जालौन के ही रहने वाले रमेश गुप्ता ने सरकार में बैठे अफसरों से की थी। जिसके बाद शासन ने 18 अगस्त 2011 को ईओडब्ल्यू जांच के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि 2007-08 में दिए गए तीन माह के अतिरिक्त मिट्टी के तेल का वितरण न करते हुए अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर पूरे तेल की कालाबाजारी कर दी। जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई, इसके बाद एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई थी।
विज्ञापन
अनुमति मिलने के बाद शनिवार देर रात मुकदमा दर्ज किया गया। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि मेसर्स पुष्कर नारायण श्याम बाबू और मेसर्स रवींद्र कुमार ने सूखा राहत योजना के तहत जालौन जिले को आवंटित किया गया 96 हजार लीटर मिट्टी का तेल राशन कार्ड धारकों को नहीं दिया। इस तेल की डीलरों के जरिए कालाबाजारी की गई।
साथ ही राशन कार्ड धारकों को बंटने के लिए आए इस तेल को आधा दर्जन पेट्रोल पंप संचालकों को भी आवंटित कर दिया गया। इसमें जालौन के तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी, तहसील कालपी में तैनात रहे उप जिलाधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के बाबू और कई सरकारी कर्मी और कोटेदारों को भी नामजद किया है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई कोटेदारों का फर्जी हलफनामा लिया गया जिस पर दिसंबर 2007 और जनवरी व फरवरी 2008 में मिट्टी के तेल का उठान करने कही बात कही गई है। हालांकि पूछताछ में कोटेदारों ने हलफनामे पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की बात कही।
ये पट्रोल पंप संचालक फंसे
जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने तेल की कालाबाजारी करते हुए मेसर्स श्रवण कुमार विश्नोई, किशोरी शरण रामेश्वर, दयाल कौल, फकीर चंद, पंकज आई ट्रेडर्स, अमर नाथ एंड संस को 1200-1200 लीटर मिट्टी के तेल का आवंटन किया। ये सभी पेट्रोल पंप के मालिक हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब इन पेट्रोलपंप संचालकों से भी पूछताछ की जाएगी।