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वित्त आयोग की बैठक: यूपी सरकार ने केंद्रीय करों में मांगी 50 फीसदी हिस्सेदारी, सीएम योगी ने पेश किए ब्योरे

Wed, 04 Jun 2025 09:22 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 04 Jun 2025 09:22 PM IST
सार

Finance Commission meeting: 16वें वित्त आयोग की टीम के साथ बुधवार हुई बैठक में राज्य सरकार ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 41 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की है।

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Finance Commission meeting: UP government demands 50 percent share in central taxes, CM Yogi presented details
बैठक में सीएम योगी के साथ अरविंद पनगढ़िया - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

16वें वित्त आयोग की टीम के साथ बुधवार हुई बैठक में राज्य सरकार ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 41 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की है। साथ ही विशेष विकास योजनाओं के लिए विशेष फंड बढ़ाने व अन्य मांगों के लिए राज्य सरकार ने आयोग को मांगपत्र भी सौंपा है।

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आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि 28 में से 22 राज्यों ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 50 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन 9 फीसदी वृद्धि की मांग बहुत ज्यादा है। इस पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। बैठक में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास और सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्योरा दिया जिसकी आयोग ने सराहना की।
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लोकभवन में आयोग की 13 सदस्यीय टीम के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक कर राज्य की जरूरतों और मांगों का ब्योरा विस्तार से पेश किया। वर्तमान में राज्यों को केंद्रीय करों में 41 फीसदी हिस्सेदारी मिलती है जबकि 59 फीसदी केंद्र रखता है। अब राज्यों ने केंद्रीय करों में बराबरी का दावा कर दिया है। पनगढ़िया ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम सिफारिशों में शामिल करेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले वित्त आयोगों की सिफारिशों को आम तौर पर केंद्र सरकार ने बिना किसी बदलाव के स्वीकार किया है।
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आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि बड़ा राज्य होने से यूपी की जरूरतें ज्यादा हैं। प्रदेश में काफी अच्छी प्रगति हुई है। राजस्व संबंधी परेशानियों को राज्य सरकार ने बेहतर तरीके से हल किया है। खुद के कर स्रोतों को बढ़ाया है। राज्य कर, वैट और एक्साइज में वृद्धि अच्छे संकेत हैं। राजकोषीय घाटा भी करीब तीन प्रतिशत के आसपास है। दोपहर में वित्त आयोग की टीम ने विभिन्न राजनीतिक दलों, शहरी व ग्रामीण निकायों के प्रतिनिधियों और ट्रेड से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

कर बंटवारे के फॉर्मूले में बदलाव का प्रस्ताव

पनगढि़या ने बताया कि प्रदेश ने करों में बंटवारे के फॉर्मूले में भी बदलाव की मांग की है। प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) द्वारा मापी गई आय अंतर (इनकम डिस्टेंस) मानदंड का भार पहले की तरह 45 प्रतिशत रखने की मांग की है। भौगोलिक क्षेत्रफल को 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की मांग की है। आबादी में हिस्सेदारी 15 से बढ़ाकर 22.5 फीसदी, डेमोग्राफिक परफॉर्मेंस (जनसांख्यिकीय प्रदर्शन) 12.5 से घटाकर 7.5 फीसदी, वन क्षेत्र मद में 10 से घटाकर 5 फीसदी, और टैक्स प्रयासों की मद में मिलने वाले अंश को 2.5 से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का प्रस्ताव आयोग को दिया है।

ये है 16वें वित्त आयोग की जिम्मेदारी
16वें वित्त आयोग का गठन 31 दिसंबर 2023 को किया गया था। आयोग की जिम्मेदारी केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व वितरण की है। आयोग 31 अक्तूबर तक अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है। ये सिफारिशें एक अप्रैल 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी होंगी।

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