यूपी BJP: सीएम पद के लिए सोशल मीडिया पर जंग शुरू
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की स्कूटर चलाते फोटो और उस पर लिखा यह स्लोगन, ‘फॉर सी.एम. उत्तर प्रदेश।’ वरुण गांधी की फोटो के साथ लिखा यह वाक्य ‘हमें चाहिए वरुण सरकार’ तो एक साइट पर ‘पंकज सिंह लाओ, यूपी बचाओ’ जैसा नारा।
नेता कुछ भी सफाई दें परंतु फेसबुक पर चल रहे इस स्टेटस युद्ध से साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर भाजपा के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जंग शुरू हो गई है।
भले इस जंग में यह नेता शामिल न हो लेकिन समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर तेज होती लामबंदी के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। सूत्र इसे नेताओं के नाम पर समर्थन जुटाने के अभियान का ही हिस्सा बताते हैं।
ये है अंदर की बात
विधानसभा चुनाव में अभी ढाई साल से ज्यादा का वक्त बाकी है। पर, सोशल मीडिया पर शुरु हुई शब्दों की यह जंग भाजपा के भीतर की कहानी कह रही है।
साथ ही बता रही है कि लोकसभा चुनाव में जीत की खुमारी भाजपाइयों के सिर से उतारे नहीं उतर रही है। इसीलिए इन्होंने अपने-अपने नेताओं के नाम से साइट बनाकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए लोगों से समर्थन व सहयोग की अपील करना शुरू कर दिया है।
वाजपेयी के नाम से बनी साइट पर उनका पूरा प्रोफाइल डाला गया है। 18 जुलाई 2014 को बनी इस साइट पर बताया गया है कि वाजपेयी चार टाइम के विधायक हैं।
वह प्रदेश सरकार में पहले मंत्री भी रह चुके हैं। सीएम की दावेदारी के लिए वाजपेयी के लिए समर्थन मांगा गया है।
‘हमें चाहिए वरुण सरकार’
वरुण गांधी यूथ ब्रिगेड की तरफ से बनी साइट पर लिखा है, ‘गरिमा युक्त उत्तर प्रदेश, समृद्धि युक्त उत्तर प्रदेश और प्रगति युक्त उत्तर प्रदेश’ नेकस्ट सी.एम.-2017
इसी पर आगे चलकर लिखा गया है कि एक सोच जो बदले उत्तर प्रदेश को, ‘हमें चाहिए वरुण सरकार।’ समझा जा सकता है कि इरादे क्या हैं।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह की दावेदारी भी मुख्यमंत्री के लिए सोशल साइट पर नजर आ रही है। स्वतंत्र देव सिंह के नाम से बनी फेसबुक साइट पर उनके समर्थक ने नेक्सट सीएम-2017 का नारा लिखकर समर्थन मांगा है।
इशारों-इशारों में बात
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के नाम से बनी साइट पर इशारों की भाषा में इरादे बताए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर तो कुछ नहीं लिखा है।
पर, जो शब्द प्रयोग किए गए हैं, उनका खास मतलब नजर आता है। सिंह को क्रांतिकारी विचारक बताते यूपी बचाने के लिए उन्हें लाने का नारा बुलंद किया गया है।
जिससे माजरा और मकसद के बारे में आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है।