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यूपी में बुखार : इलाज में देरी से गईं जानें, ऑडिट शुरू, अब स्क्रीनिंग के साथ स्वच्छता पर जोर

Sun, 05 Sep 2021 04:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ 
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 05 Sep 2021 04:28 AM IST
सार

  • स्क्रीनिंग कर शुरू हुआ इलाज तब थमा मौत का सिलसिला
  • बुखार से दम तोड़ने वालों की मौत मामले में शुरू हुई ऑडिट
  • जलनिकासी के साथ फागिंग और एंटी लार्वा छिड़काव पर जोर

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Fever in UP: Deaths lost due to delay in treatment, audit started
गंभीर हैं हालात.... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश भर में डेंगू और बुखार से प्रभावित इलाके में स्क्रीनिंग शुरू करा दी गई है। फिरोजाबाद, मथुरा समेत कई जिलों में राज्य स्तरीय टीम कैंप पर रही है। ऐसे में निगरानी बढ़ने से मौत का सिलसिला भी थम गया है। हालांकि टीम के जाने से पहले हुई मौत के कारणों की भी जांच शुरू हो गई है। इसमें प्रथम दृष्टया मौत की वजह इलाज मिलने में देरी होना पाया गया है।

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फिरोजाबाद और आसपास के इलाके में डेंगू व वायरल बुखार से लगातार मौत हो रही है। इन इलाकों में स्क्रब टायफस और लेप्टोस्पायरोसिस के भी मरीज मिले हैं। लगभग 25 से ज्यादा लोगों की मौत तो जांच से पहले हो चुकी है। अब तक फिरोजाबाद में 79, मथुरा में 21 और मैनपुरी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। सभी बुखार से पीड़ित थे। इनकी डेथ ऑडिट चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तरीय टीम भी जिलों में मौजूद है। स्थानीय टीम के साथ एक-एक इलाके का निरीक्षण कर वहां स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।
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राज्य स्तरीय टीम के पहुंचने के बाद पिछले तीन दिन से मौत का सिलसिला थमा है। इसकी वजह मरीजों का तत्काल इलाज शुरू करना बताया जा रहा है। जिस गांव में बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां स्वास्थ्य टीम तत्काल पहुंच रही है। मरीजों को दवा देने के साथ ही जरूरत होने पर उनको अस्पताल भी भेजा जा रहा है। 
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मथुरा व फिरोजाबाद में कैंप कर रही टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच में मौत की बड़ी वजह इलाज में देरी होना पाया गया है। ग्रामीण नजदीकी बाजारों से दवा लेते रहे। उधर, स्वास्थ्य विभाग तक सूचना भी देर से पहुंची। जब तक डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंची, तब तक मरीजों की स्थिति गंभीर हो गई थी। टीम से जुड़े चिकित्सकों का यह भी कहना है कि लोग मर्ज को सामान्य बुखार की तरह लेते रहे। डेंगू के साथ स्क्रब टायफस होने की वजह से कई मरीजों के किडनी, लिवर सहित अन्य अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।


स्क्रीनिंग के साथ स्वच्छता पर जोर
फिरोजाबाद, मैनपुरी व मथुरा के साथ ही अन्य जिलों में भी स्क्रीनिंग के साथ स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वेदब्रत ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि जलभराव वाले इलाके में पानी घटते ही स्वच्छता अभियान चलाया जाए। एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में पांच से अधिक बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां कोविड की तर्ज पर पूरे गांव की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। इससे बुखार के मरीज तत्काल चिह्नित कर उनका उपचार शुरू कराया जा रहा है। अब नए मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

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