घर में अकेली नाबालिग बेटी को पिता ने बनाया हवस का शिकार
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लखनऊ के चिनहट इलाके में कलयुगी पिता ने रिश्तों को कलंकित करते हुए नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला। शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।
घरों में चौका-बर्तन करने वाली किशोरी शुक्रवार सुबह एक घर पहुंची और मालकिन को पूरा मामला बताया जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। आरोपी पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस उसकी तलाश में घर पहुंची लेकिन वह भाग निकला।
इंस्पेक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि मूलरूप से बाराबंकी निवासी आरोपी यहां झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रहकर कूड़ा बीनने का काम करता है। बृहस्पतिवार को घर पर सिर्फ नाबालिग बेटी थी। वह कक्षा आठ में पढ़ती है और आसपास के घरों में चौका-बर्तन का काम करती है।
रात को उसका पिता शराब के नशे में धुत होकर घर आया। देर रात उसने पास ही सो रही बेटी को दबोच लिया। उसने बेटी से हैवानियत की और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी।
जेल में है किशोरी की मां
डरी-सहमी बच्ची सुबह चौका-बर्तन करने एक घर गई और वहां मालकिन से आपबीती बताई। उसकी बातें सुनकर महिला के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल पति को बताया जिसके बाद पुलिस तक जानकारी पहुंची।
पुलिस ने पीड़ित किशोरी से घटना की जानकारी लेने के बाद उसके पिता के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित किशोरी के माता-पिता को बाराबंकी निवासी एक रिश्तेदार युवती के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।
पिता कुछ हफ्ते पहले ही जमानत पर जेल से छूटकर आया है जबकि पीड़िता की मां अब भी जेल में है। किशोरी इतनी दहशत में है कि उसने मेडिकल परीक्षण कराने से भी इनकार कर दिया। पुलिस के सुरक्षा का भरोसा दिलाने के बावजूद वह सहमी नजर आई। किशोरी बार-बार कह रही थी कि कोर्ट-कचहरी होने पर पिता उसे छोड़ेंगे नहीं।
उसने पुलिस की कार्रवाई वापस लेने की भी मांग की लेकिन पुलिस और उसकी मालकिन ने हिम्मत बंधाई। इंस्पेक्टर का कहना है कि पीड़िता अगर मेडिकल परीक्षण नहीं करा रही है तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उसका मजिस्ट्रेटी बयान कराया जाएगा।