{"_id":"5ca27120bdec2214720fb6c8","slug":"father-arranged-for-bribe-and-twin-children-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में भर्ती कराने की घूस का इंतजाम करते रहे पिता, जुड़वां बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में भर्ती कराने की घूस का इंतजाम करते रहे पिता, जुड़वां बच्चों की मौत
Tue, 02 Apr 2019 01:44 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Tue, 02 Apr 2019 01:44 AM IST
विज्ञापन
माल सीएचसी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माल में अस्पताल में जल्दी भर्ती कराने के नाम पर मांगी गई रकम का इंतजाम करते रहे पिता के जुड़वां बच्चों की सोमवार को मौत हो गई। आसपास के लोगों से उधार मांगकर पैसों का इंतजाम करने के बाद भी अनिल अपने बच्चों की जान नहीं बचा सका।
मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माल का है। जहां चिकित्सा कर्मियों की घूसखोरी से जुड़वां नवजात पैदा होेने के बाद दुनिया नहीं देख सके। आक्रोशित परिवारीजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और सीएमओ से मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
कोलवा गांव निवासी अनिल कुमार शर्मा की पत्नी चांदनी शर्मा को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। अनिल ने 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया। एंबुलेंस आने से पहले ही पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। जबकि दूसरा बच्चा फंस गया। ऐसे में परिवारीजन परेशान हो गए।
विज्ञापन
आननफानन निजी वाहन से अस्पताल ले जाने की तैयारी की जाने लगी। तभी कुछ देर बाद एंबुलेंस आ गई। इसी दौरान दूसरे बच्चे का भी जन्म हो गया। पर प्रसूता की हालत बिगड़ गई। परिवारीजन एंबुलेंस से प्रसूता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भागे। उनकी मुसीबत अस्पताल पहुंचने पर भी कम नहीं हुई।
अस्पताल की स्टाफ नर्स ने 15 सौ रुपये रिश्वत मांगी। अनिल के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने काफी मिन्नतों कीं पर नर्सिंग स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। अनिल ने दौड़भाग कर आसपास के लोगों से उधार लाकर रुपये का इंतजाम किया। उसके अस्पताल लोटने से पहले ही दोनों नवजात की मौत हो गई थी।
अनिल ने इसकी शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय सिंह से की। रिश्वत में दिए गए रुपये अधीक्षक से वापस दिलवाने को कहा। आरोप है कि चिकित्सा कर्मियों ने रुपये लौटाने के बजाय उसे धमकाकर भगा दिया। अनिल ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की है।
भर्ती कराने को गिड़गिड़ाता रहा परिवार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीड़ित परिवार नर्सिंग स्टाफ पर प्रसूता और नवजात बच्चों को जल्द भर्ती करने को गिड़गिड़ाता रहा। दोनों नर्सिंग स्टाफ ने बगैर घूस के पैसे दिए हाथ लगाने से ही इनकार कर दिया। ऐसे में अनिल दौड़कर कहीं से पैसों का इंतजाम करने लाया। उसके आने से पहले ही दोनों नवजात ने दम तोड़ दी थी। स्टाफ की हेठी के चलते एक परिवार के दो बच्चे दुनिया देखने से पहले ही चल बसे।
आरोपी नर्सों का काटा एक दिन का वेतन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना ने बताया कि प्रसूता को समय पूर्व प्रसव हुआ है। परिवारीजन दोनों बच्चों को मृत अवस्था में लेकर अस्पताल में पहुंचे थे। प्रसूता के पति से पैसे लेने की आरोपी दोनों नर्सों का एक दिन का वेतन काट लिया गया है। पूरे रुपये भी वापस कराए गए हैं।
आरोपी नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई होगी
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अभी तक शिकायत नहीं मिली है। अपने स्तर से इसे दिखवाएंगे हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। आरोपी नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माल का है। जहां चिकित्सा कर्मियों की घूसखोरी से जुड़वां नवजात पैदा होेने के बाद दुनिया नहीं देख सके। आक्रोशित परिवारीजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और सीएमओ से मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
कोलवा गांव निवासी अनिल कुमार शर्मा की पत्नी चांदनी शर्मा को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। अनिल ने 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया। एंबुलेंस आने से पहले ही पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। जबकि दूसरा बच्चा फंस गया। ऐसे में परिवारीजन परेशान हो गए।
विज्ञापन
आननफानन निजी वाहन से अस्पताल ले जाने की तैयारी की जाने लगी। तभी कुछ देर बाद एंबुलेंस आ गई। इसी दौरान दूसरे बच्चे का भी जन्म हो गया। पर प्रसूता की हालत बिगड़ गई। परिवारीजन एंबुलेंस से प्रसूता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भागे। उनकी मुसीबत अस्पताल पहुंचने पर भी कम नहीं हुई।
अस्पताल की स्टाफ नर्स ने 15 सौ रुपये रिश्वत मांगी। अनिल के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने काफी मिन्नतों कीं पर नर्सिंग स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। अनिल ने दौड़भाग कर आसपास के लोगों से उधार लाकर रुपये का इंतजाम किया। उसके अस्पताल लोटने से पहले ही दोनों नवजात की मौत हो गई थी।
अनिल ने इसकी शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय सिंह से की। रिश्वत में दिए गए रुपये अधीक्षक से वापस दिलवाने को कहा। आरोप है कि चिकित्सा कर्मियों ने रुपये लौटाने के बजाय उसे धमकाकर भगा दिया। अनिल ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की है।
भर्ती कराने को गिड़गिड़ाता रहा परिवार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीड़ित परिवार नर्सिंग स्टाफ पर प्रसूता और नवजात बच्चों को जल्द भर्ती करने को गिड़गिड़ाता रहा। दोनों नर्सिंग स्टाफ ने बगैर घूस के पैसे दिए हाथ लगाने से ही इनकार कर दिया। ऐसे में अनिल दौड़कर कहीं से पैसों का इंतजाम करने लाया। उसके आने से पहले ही दोनों नवजात ने दम तोड़ दी थी। स्टाफ की हेठी के चलते एक परिवार के दो बच्चे दुनिया देखने से पहले ही चल बसे।
आरोपी नर्सों का काटा एक दिन का वेतन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना ने बताया कि प्रसूता को समय पूर्व प्रसव हुआ है। परिवारीजन दोनों बच्चों को मृत अवस्था में लेकर अस्पताल में पहुंचे थे। प्रसूता के पति से पैसे लेने की आरोपी दोनों नर्सों का एक दिन का वेतन काट लिया गया है। पूरे रुपये भी वापस कराए गए हैं।
आरोपी नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई होगी
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अभी तक शिकायत नहीं मिली है। अपने स्तर से इसे दिखवाएंगे हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। आरोपी नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।