सड़क पर आलू फेंक किसानों का प्रदर्शन, मांगा समर्थन मूल्य
नया आलू बाजार में आने से कोल्ड स्टोरेजों में डंप आलू का भाव माटी मोल हो गया। समर्थन मूल्य न मिलने से शनिवार को किसान आक्रोशित हो गए। भाकियू के बैनर तले स्टोरेज से आलू निकाल किसान डीएम कार्यालय पहुंचे। विरोध-प्रदर्शन करते हुए किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर आलू फेंकना शुरू कर दिया। प्रशासन की नाराजगी से किसान उग्र हो गए और हाईवे से लेकर छाया चौराहे तक आलू फेंकते रहे। मौके पर पहुंचे एडीएम ने किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के नेेतृत्व में शनिवार को किसान दो सौ बोरी आलू लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। किसान बाजार में आलू का भाव 150 से 200 रुपये क्विंटल होने पर सरकार से समर्थन मूल्य 487 रुपये की मांग कर रहे थे।
किसानों की मांग को अधिकारियों ने अनसुनी की तो किसान उग्र हो गए। किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते आलू फेंकना शुरू कर दिया। यही नहीं किसानों ने डीएम कार्यालय से हाईवे होते हुए छाया चौराहा तक आलू फेंका। किसानों की ट्रॉलियां निकलने और आलू फेंकने से हाईवे आधा घंटे के लिए जाम हो गया।
किसानों का उग्र रूप देख एडीएम न्यायिक सुरेंद्र बहादुर, एएसपी दिगंबर कुशवाहा, सीओ सुशील कुमार सिंह, कोतवाल धनंजय सिंह मौके पर पहुंच गए। किसानों को समझाने का अथक प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। एडीएम ने किसानों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर किसी तरह मामला शांत कराया।
मुकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोल्ड स्टोरेजों में किसानों का करीब 30 हजार पैकेट आलू डंप है। गैर प्रांतों से नया आलू आने और बिचौलियों के हाबी होने से किसानों को आलू का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। आलू की कीमत से ज्यादा कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा होने से किसानों की लागत डूब रही है। विरोध-प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल, रामानंद वर्मा, प्रेम, बबलू, अनुपम व सतीश वर्मा आदि मौजूद रहे।
हाईवे पर घंटों लगा रहा जाम
ट्रॉलियों से फेंके जा रहे आलू को बीनने वालों की लाइन लग गई। होटल पर काम करने वाले मजदूर और कूड़ा बीनने वाली महिलाओं से लेकर चोखा-बाटी वाले आलू समेटने में लगे रहे। इससे हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लगा रहा। मौके पर पहुंचे कोतवाल धनंजय सिंह, टीएसआई वीरपाल सिंह ने एक छोर से वाहनों को गुजारते हुए यातायात शुरू कराया।