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Amethi: बारिश संग आसमान में बादलों का डेरा, किसानों की बेचैनी बढ़ी, बोले- मौसम ने धोखा दिया
Thu, 10 Apr 2025 11:46 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 10 Apr 2025 11:46 AM IST
सार
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि इससे फसल खराब हो जाएगी और बड़ा नुकसान हो सकता है।
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बारिश से खराब हो सकती है खेतों में पड़ी फसल।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में मौसम का बिगड़ा मिजाज किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बृहस्पतिवार सुबह बाजारशुकुल क्षेत्र सहित अमेठी के कई हिस्सों में झमाझम बारिश ने जहां तापमान को गिराया, वहीं खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
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गौरीगंज, मुसाफिरखाना, तिलोई और संग्रामपुर क्षेत्र में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। खेतों में तैयार फसल भीगने से खराब हो सकती है, जिससे उपज और आमदनी दोनों पर असर पड़ने का खतरा है।
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बाजारशुकुल के किसान रामकिशोर यादव बताते हैं कि मौसम ने धोखा दे दिया। गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है कुछ खेतों में फसल कटी भी पड़ी है। अब इस बारिश ने सब गड़बड़ कर दिया। अगर यही हाल रहा तो नुकसान तय है।
मौसम के अचानक बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखने लगा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं।
सीएचसी गौरीगंज के अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि इस तरह के मौसम में तापमान तेजी से गिरता और बढ़ता है। इससे शरीर पर असर पड़ता है। नमी और हवा में बदलाव से संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।