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किसानों ने मांगा 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य
Fri, 27 Nov 2020 10:21 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 27 Nov 2020 10:21 PM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य परामर्शी मूल्य निर्धारण समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में किसानों ने 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की। ये बैठक मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई। बैठक में शामिल चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि गन्ना मूल्य में वृद्धि न की जाए।
दरअसल, राज्य सरकार को जल्द ही चालू पेराई सीजन 2020-21 के लिए गन्ना मूल्य घोषित करना है। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में एनआईसी में बैठे किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की और आश्वस्त किया कि सभी पक्षों के हितों को देखते हुए गन्ना मूल्य पर निर्णय लिया जाएगा। बस्ती मंडल से अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि गन्ना उत्पादन लागत 352 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। इसलिए गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल की जाए। उन्होंने चीनी मिलों का अंशदान उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) का तीन प्रतिशत देने की भी मांग की। इसी तरह मेरठ से प्रीतम सिंह, अयोध्या मंडल से अयोध्या वर्मा, देवीपाटन मंडल से सत्य प्रकाश तिवारी और लखनऊ मंडल से करणजीत सिंह ने पिछले दो पेराई सत्रों में रेट नहीं बढ़ाने का उल्लेख करते हुए सम्मानजनक गन्ना मूल्य देने की मांग की।
चीनी मिलों ने मांगी सब्सिडी
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन के महामंत्री दीपक गुप्तारा ने कहा कि पिछले दो सालों की तुलना में चीनी परता कम है। चीनी के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं और उठान भी नहीं हो रहा है। इन हालातोें के चलते शुगर इंडस्ट्री पूंजी के संकट से गुजर रही है। उन्होंने गत वर्ष के गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं करने का सुझाव देते हुए सरकार से 15 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी देने की मांग की।
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दरअसल, राज्य सरकार को जल्द ही चालू पेराई सीजन 2020-21 के लिए गन्ना मूल्य घोषित करना है। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में एनआईसी में बैठे किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की और आश्वस्त किया कि सभी पक्षों के हितों को देखते हुए गन्ना मूल्य पर निर्णय लिया जाएगा। बस्ती मंडल से अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि गन्ना उत्पादन लागत 352 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। इसलिए गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल की जाए। उन्होंने चीनी मिलों का अंशदान उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) का तीन प्रतिशत देने की भी मांग की। इसी तरह मेरठ से प्रीतम सिंह, अयोध्या मंडल से अयोध्या वर्मा, देवीपाटन मंडल से सत्य प्रकाश तिवारी और लखनऊ मंडल से करणजीत सिंह ने पिछले दो पेराई सत्रों में रेट नहीं बढ़ाने का उल्लेख करते हुए सम्मानजनक गन्ना मूल्य देने की मांग की।
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चीनी मिलों ने मांगी सब्सिडी
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन के महामंत्री दीपक गुप्तारा ने कहा कि पिछले दो सालों की तुलना में चीनी परता कम है। चीनी के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं और उठान भी नहीं हो रहा है। इन हालातोें के चलते शुगर इंडस्ट्री पूंजी के संकट से गुजर रही है। उन्होंने गत वर्ष के गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं करने का सुझाव देते हुए सरकार से 15 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी देने की मांग की।
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