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सूबेदार के पार्थिव शरीर का परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया मना, हंगामा

Thu, 18 Feb 2021 09:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 18 Feb 2021 09:50 PM IST
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Family members of Subedar's body refused to perform last rites, ruckus
सूबेदार की मौत के बाद बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के रुड़की में ट्रेनिंग देने के दौरान पुल धंसने से जान गंवाने वाले सूबेदार का पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव पहुंचा तो हर कोई रो पड़ा। परिजनों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वे नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करने लगे। इस पर अधिकारियों ने पहुंचकर पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने का भरोसा देते हुए शांत कराया।
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सरेनी थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी रामशंकर द्विवेदी ने वर्ष 1992 में सेना में नौकरी की शुरुआत की थी। वह सूबेदार के पद पर तैनात थे। इस समय उत्तराखंड के रुड़की में जवानों को ट्रेनिंग दे रहे थे। बताते हैं कि बीते मंगलवार की सुबह छह जवानों को वह प्रशिक्षण देने के लिए वाहन से जा रहे थे। जैसे ही पुरखा के पास सर्वता पुल पर वाहन पहुंचा तो पुल का एक हिस्सा धंसने लगा।
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रामशंकर द्विवेदी ने जवानों से कहा कि सभी लोग पानी में कूद कर अपनी जान बचाओ। सभी जवान पानी में कूद गए, लेकिन रामशंकर के कूदने के पहले ही वाहन गहरी खाई में गिर गया। कर्नल आकाश खन्ना ने उनके बेटे शिवम को घटना की जानकारी दी। बेटा उनकी ही यूनिट में तैनात है। सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो बुधवार को उनका पार्थिव शरीर मिला।
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दोनों बेटे सेना में

Family members of Subedar's body refused to perform last rites, ruckus
रामशंकर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार सुबह सूबेदार रामशंकर द्विवेदी का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पत्नी सविता देवी, बेटे शिवम द्विवेदी, शुभम द्विवेदी दहाड़ मार कर रोने लगे। दोनों बेटे सेना में कार्यरत हैं। परिवारीजनों ने सूबेदार के सम्मान में कोताही बरतने का आरोप लगाकर पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। एसडीएम विनय कुमार मिश्रा, सीओ लालगंज राघवेंद्र चतुर्वेदी, सरेनी थानेदार अनिल सिंह ने परिवारीजनों को समझाया। एसडीएम ने कहा कि आप लोग अपना मांगपत्र दीजिए। आपकी सभी मांगों को पूरा कराया जाएगा।

इस पर परिवारीजनों ने मृतक आश्रित को नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद, गांव में सूबेदार के नाम से स्मारक बनवाने, गैस एजेंसी या फिर पेट्रोलपंप का लाइसेंस दिलाने की मांग की। इस पर एसडीएम ने पत्र लेकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया, तब सूबेदार की अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई और निसगर घाट में सैनिक का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। चिता को मुखाग्नि उनके अनुज जयशंकर त्रिवेदी ने दी। श्रद्धांजलि देने के लिए विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, सत्य भवन शुक्ला, गोविंद सविता, राम प्रताप सिंह, लोकनाथ, धीरज द्विवेदी, रामचंद्र सिंह व लोकेश सिंह मौजूद रहे।
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