पीएम मोदी के नाम पर बनाई वेबसाइट, कहीं आप भी तो नहीं आ गए झांसे में
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सरकारी योजनाओं से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर ठगी का धंधा करने वालों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है। इस वेबसाइट पर प्रधानमंत्री के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस संबंध में सीबीआई ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए यूपी के कासगंज इलाके में इनके ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्व दस्तावेज बरामद किए हैं।
सीबीआई के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि नरेंद्र मोदी कंप्यूटर साक्षरता मिशन योजना के नाम पर www.nmcsm.in वेबसाइट बनाई गई है। फ्रेंचाइजी के लिए वेबसाइट पर फॉर्म भरवाया जा रहा है।
इस योजना के तहत देश भर में कंप्यूटर सेंटर खुलवाने की बात कही गई है। एक फ्रेंचाइजी देने के लिए साठ से सत्तर हजार रुपए भी वसूले जा रहे हैं। हर जिले में तीन से पांच फ्रेंचाइजी खोले जाने हैं।
सीबीआई ने जांच शुरू की तो पता चला कि अलीगढ़ में तीन फ्रेंचाइजी के लिए पैसे लिए गए। देश के कई हिस्सों में इसकी फ्रेंचाइजी बांटी गई। यूपी के कासगंज में अतुल और जगमोहन इस वेबसाइट को ऑपरेट कर रहे हैं। इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर कासगंज में इनके ठिकानों पर छापेमारी की जहां से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
कोर्स के नाम पर वसूल रहे थे हजारों रुपये
इन्होंने अलीगढ़ में तीन लोगों में प्रत्येक से 60 हजार रुपया लेकर फ्रेंचाइजी दी। इनका पहला सेंटर जीटी रोड पर सूत मिल चौराहे के पास है, जिसके मालिक जितेंद्र है।
जबकि, दूसरा सेंटर रामघाट रोड पर वीर बहादुर के पास व तीसरा सेंटर सासनीगेट पर ललित कुमार के पास है। जितेंद्र ने सीबीआई को बताया कि उसने 60 हजार रुपया देकर फेंचाइजी ली थी।
शर्त के तहत हर छात्र से एक साल के कंपयूटर कोर्स के लिए छह हजार रुपये फीस ली जानी थी। इस फीस में से साढ़े सात सौ रुपया उसे मुख्यालय को देना था। मुख्यालय नोएडा के सेक्टर 63 में था। देश के कई अन्य हिस्सों में भी क्षेत्रीय कार्यालय भी बताए गए थे। जितेंद्र के मुताबिक अतुल और जगमोहन सौ से अधिक फ्रेेंचाइजी दे चुके हैं।