अपनी जगह दोस्त को दौड़ाकर बनना चाहते थे पुलिस, ये हुआ हश्र
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पुलिस भर्ती दौड़ में दोस्त के सहारे सिपाही बनने चले युवक को लेने के देने पड़ गए। फर्जीवाड़ा कर अपनी जगह दोस्त को दौड़ाने वाले अभ्यर्थी को पुलिस ने दबोच लिया। उसकी जगह दौड़ने वाला मुन्ना भाई मौके से भाग निकला।
पुलिस ने पकड़े गए अभ्यर्थी के खिलाफ चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस भर्ती दौड़ में अब तक इस तरह का यह पांचवां मामला सामने आया है।
श्यामनगर 37वीं वाहिनी पीएसी के परेड ग्राउंड में पुलिस भर्ती के लिए दौड़ (फिजिकल) चल रही है। सोमवार को शमसाबाद, आगरा के रहने वाले जितेंद्र सिंह का बेटा बृजेश सिंह फिजिकल देने आया था। बृजेश ने दोस्त गौरव को अपनी जगह दौड़ने के लिए भेज दिया।
तय समय पर पूरी की दौड़
पुलिस को चकमा देकर बृजेश ने अपना चेस्ट नंबर और चिप भी गौरव को दे दी। पुलिस कर्मियों की आंखों में धूल झोंककर गौरव ने दौड़ तय समय में पूरी भी कर ली। इसके बाद वह बृजेश को चिप और चेस्ट नंबर वापस करने लगा। इसी दौरान पुलिस ने बृजेश को दबोच लिया।
मुन्नाभाई गौरव मौका देखकर वहां से भाग निकला। कांस्टेबल राजीव कुमार की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। चकेरी इंस्पेक्टर आलोक यादव ने बताया कि पकड़े गए अभ्यर्थी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई कर दी गई है।