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Lucknow News: लोहिया संस्थान में महंगी जांच में फर्जी रसीद का खेल, आरोपी कर्मचारी बर्खास्त
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लोहिया संस्थान।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में फर्जी रसीद बनाकर मरीजों से मोटी रकम वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। पेट स्कैन जैसी महंगी जांच में हुई इस वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद संस्थान प्रशासन ने आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी है।
मामला करीब डेढ़ महीने पुराना है। विभाग में कैंसर की जांच के लिए पेट स्कैन (फीस करीब 12,500 रुपये), थायराइड, लिवर और किडनी स्कैन की सुविधाएं हैं। इन जांच का शुल्क विभाग के ही काउंटर पर जमा होता है।
करीब डेढ़ महीने पहले एक मरीज काउंटर से रसीद लेकर जब जांच कराने पहुंचा, तो वहां मौजूद कर्मचारी ने रसीद नंबर कंप्यूटर में दर्ज किया। जांच करने पर पता चला कि उस नंबर पर कोई फीस जमा ही नहीं हुई थी। इतना ही नहीं, कंप्यूटर स्क्रीन पर किसी दूसरे मरीज का नाम दिख रहा था। जब मरीज से नाम पूछा गया तो उसने दूसरा नाम बताया। इस पर कर्मचारी को शक हुआ। इसकी सूचना विभाग को दी गई। संस्थान की आंतरिक जांच में आउटसोर्सिंग कर्मचारी द्वारा फर्जी रसीद जनरेट कर पैसे हड़पने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी को हटा दिया है और मिलीभगत की आशंका को देखते हुए अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है।
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मामला करीब डेढ़ महीने पुराना है। विभाग में कैंसर की जांच के लिए पेट स्कैन (फीस करीब 12,500 रुपये), थायराइड, लिवर और किडनी स्कैन की सुविधाएं हैं। इन जांच का शुल्क विभाग के ही काउंटर पर जमा होता है।
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करीब डेढ़ महीने पहले एक मरीज काउंटर से रसीद लेकर जब जांच कराने पहुंचा, तो वहां मौजूद कर्मचारी ने रसीद नंबर कंप्यूटर में दर्ज किया। जांच करने पर पता चला कि उस नंबर पर कोई फीस जमा ही नहीं हुई थी। इतना ही नहीं, कंप्यूटर स्क्रीन पर किसी दूसरे मरीज का नाम दिख रहा था। जब मरीज से नाम पूछा गया तो उसने दूसरा नाम बताया। इस पर कर्मचारी को शक हुआ। इसकी सूचना विभाग को दी गई। संस्थान की आंतरिक जांच में आउटसोर्सिंग कर्मचारी द्वारा फर्जी रसीद जनरेट कर पैसे हड़पने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी को हटा दिया है और मिलीभगत की आशंका को देखते हुए अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है।
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