फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fake person arrest

फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ाां रुपये ठगने का आरोपी दबोचा

Sun, 14 Jul 2019 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
Fake person arrest
फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले को पीड़ितों ने बहाने से बुलाकर पकड़ा
विज्ञापन

फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी आजमगढ़ के सुधांशु श्रीवास्तव उर्फ प्रिंस को शनिवार शाम पीड़ितों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
वह मल्टी लेवल मार्केटिंग, फिल्म प्रोडक्शन, बैंकिंग, टेक्सटाइल, रीयल एस्टेट समेत कई धंधे करता था। सुधांशु व उसके साथियों को एसटीएफ ने फरवरी में गिरफ्तार किया था।
जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से ठगी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर का कहना है कि ठगी के शिकार कई लोगों ने सुधांशु के खिलाफ तहरीर दी है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुधांशु के खिलाफ गोमतीनगर, विभूतिखंड समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। उसके गिरोह का सरगना आजमगढ़ निवासी व ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस का डायरेक्टर अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय है।
विज्ञापन

सुधांशु ने नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी व नीलिमा निधि डेली डिपॉजिट कलेक्शन बैंक, नीलिमा एडवरटाइजिंग एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड व आंब्रे टेक्सटाइल कंपनी बनाकर ठगी का मायाजाल फैलाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसने विनीतखंड में नीलिमा निधि डेली डिपॉजिट कलेक्शन बैंक खोलकर छह महीने की स्कीम लांच की।
सुधांशु ने स्कीम में छह महीने तक एक निश्चित राशि जमा करने और मैच्योरिटी होने पर कंपनी आकर्षक ब्याज के साथ रुपया वापस करने का आश्वासन दिया था।
लखनऊ के साथ ही कानपुर व आसपास के जनपदों में भी उसने लोगों से रुपया ऐंठा। मैच्योरिटी अवधि होने से पहले ही उसे एसटीएफ ने दबोच लिया।
इसके बाद सुधांशु ने कंपनी के ऑफिस में ताला लगा दिया। रुपये जमा करने वाले पीड़ित उसे तलाश रहे थे। शनिवार को राजभवन निवासी केपी पांडेय व अन्य निवेशकों ने सुधांशु को फोन कर बातचीत की और बहाने से मिलने को कहा।
सुधांशु ने उन्हें गोमतीनगर की एक जगह पर बुलाया जहां से उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दे दी गई। सुधांशु के गिरफ्त में आने की खबर मिलते ही कई निवेशक गोमतीनगर थाने पहुंच गए।
जानकीपुरम विस्तार निवासी रॉबिन, उजरियांव के मो. कयूम, विभवखंड निवासी इमरान अहमद, इरफान, पत्रकारपुरम के सुचित राम यादव समेत ठगी के शिकार करीब 50 लोगों ने थाना पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी।
पीड़ितों ने बताया कि कंपनी की डायरेक्टर नीलिमा श्रीवास्तव, सुधांशु श्रीवास्तव व अभिषेक कुमार श्रीवास्तव हैं।
मालूम हो कि सुधांशु और उसके साथी अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय, नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट के प्रमोटर पानीपत निवासी प्रदीप शर्मा, ग्रोवेल कंपनी के अधिकारी व नीलिमा कंपनी के सेल्स मैनेजर पीलीभीत निवासी अहमद मियां उर्फ राजू और दिल्ली में रहने वाले नीलिमा कंपनी के अकाउंटेंट मो. साहिल को एसटीएफ ने फरवरी महीने में गिरफ्तार किया था।

पकड़े गए जालसाजों ने बताया था कि वह आठ साल से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में संगठित गिरोह बनाकर मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। अब तक जालसाजों ने 100 करोड़ से अधिक की रकम ठगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed