कैंसर ठीक करने के नाम पर झोलाछाप ने ठग लिए लाखों रुपये, मरीज की हो गई ऐसी हालत
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कैंसर के इलाज के नाम पर झोलाछाप ने किसान से सवा दो लाख रुपये ठग लिए। सात महीने के उपचार में मरीज की हालत सुधरने के बजाए और बिगड़ गई।
पीड़ित किसान ने झोलाछाप के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक गिरीश चंद्र पांडेय ने मामले की जांच की बात कही है।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने बताया कि खेसरावां गांव निवासी किसान राजेंद्र सिंह के बेेटे रंजीत को कैंसर की बीमारी है। वह बेटे को उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे।
ट्रेन में उन्हें झोलाछाप मिला जिसने खुद को कैंसर रोग विशेषज्ञ बताते हुए गारंटी से उपचार करने का दावा किया। झोलाछाप ने बताया कि इटौंजा में उसका क्लीनिक है और उसने कई कैंसर पीड़ितों को काफी कम खर्च में ठीक किया है।
क्लीनिक चलाने का नहीं है लाइसेंस
उसकी बातों पर भरोसा करके राजेंद्र बेटे को उसके क्लीनिक ले गए। वहां झोलाछाप ने उन्हें हर महीने 32 हजार रुपये की दवाएं दीं।सात महीने तक राजेंद्र ने बेटे का उपचार कराया, लेकिन ठीक होने के बजाए उसकी हालत बिगड़ती रही।
झोलाछाप की दवा से उसके गले में घाव हो गए तो राजेंद्र ने उपचार बंद करा दिया। उन्होंने क्लीनिक के बारे में पड़ताल की तो होश उड़ गए। पता चला कि झोलाछाप के पास क्लीनिक चलाने का लाइसेंस तक नहीं है।
इसके बाद उन्होंने थाना जाकर लिखित शिकायत की। इस संबंध में इटौंजा सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।