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सपा का झंडा लगाया तो आ सकती है मुसीबत
विष्णु मोहन/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 10 Jan 2014 08:38 AM IST
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आला पुलिस अफसरों ने हिम्मत जुटाते हुए जिलों के पुलिस अफसरों को कहा है कि वे सपा का झंडा लगे वाहनों की भी चेकिंग करें, लेकिन शालीनता के साथ।
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आला अफसरों ने आशंका जताई है कि असामाजिक तत्व भी सत्तारूढ़ दल के झंडे का अपने बचाव में इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब आला पुलिस अफसरों ने मामलों को इस तरह के निर्देश दिए हों।
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यह आदेश तब आया जब सपा का झंडा लगे वाहन को चेकिंग के दौरान रोका गया तो वाहन में सवार लोगों ने पुलिस व यातायात कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
कई जगहों पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ इसके लिए कार्रवाई भी हो चुकी है, लेकिन ऐसे सभी मामलों में आला अफसरों ने चुप्पी साध रखी थी।
अभी तक किसी भी अधिकारी ने इतना साहस नहीं किया था कि सत्तारूढ़ दल का झंडा लगे वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश जारी करे। अब आला अफसरों ने इसकी हिम्मत तो की है, पर दबी जुबान से।
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बहरहाल, प्रदेश की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने की ताकीद देने के साथ ही सपा के झंडा लगे वाहनों की जांच की ताकीद बुधवार को डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान की थी।
मामला सत्तारूढ़ दल से जुड़ा होने की वजह से अधिकारियों ने इस निर्देश पर चुप्पी साध रखी थी।
सूत्रों के मुताबिक डीजीपी ने इस बात के साफ निर्देश दिए थे कि सपा का झंडा लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की चेकिंग करी जाए।
किसी भी दशा में पुलिस कर्मियों का व्यवहार या आचरण खराब होने की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने बताया कि जिलों के कप्तानों से कहा गया है कि चेकिंग के दौरान यह भी देखा जाए कि जो झंडा लगाए हैं, वह किस दल से जुड़े हैं।
कई बार ऐसा होता है कि कई ऐसे लोग जो किसी और पार्टी से जुडे़ होते हैं, लेकिन जो दल सत्ता में आता है, उसका झंडा अपने वाहन में लगाकर घूमने लगते हैं।
आपराधिक तत्व भी सत्तारूढ़ दल के झंडे की आड़ में खुद को बचाने व अपनी असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश में रहते हैं। ऐसे लोगों पर खास ध्यान रखा जाने की ताकीद की गई है।