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आगरा एक्सप्रेस-वे: स्कैनिया बस हादसे में बाल-बाल बचे मृदुल नैथानी ने बयां किया आंखों देखा मंजर
Wed, 27 Mar 2019 02:25 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Mar 2019 02:25 PM IST
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स्कैनिया बस हादसा
- फोटो : amar ujala
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आगरा एक्सप्रेस-वे पर रविवार आधी रात को दिल्ली से लखनऊ आ रही स्कैनिया बस में सवार मृदुल नैथानी को मौत छूकर निकल गई। वह खुशनसीब थे कि बस के टकराने के बाद उनके पास का शीशा टूट गया और कूदकर उन्होंने जान बचा ली।
मालूम हो दिल्ली से लखनऊ आ रही आलमबाग बस टर्मिनल की स्कैनिया बस रविवार देर रात आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसे की शिकार हो गई। इसमें राजाजीपुरम के सी-188 निवासी डॉ. ज्योति निर्वाण (38) बेटी निति के साथ सवार थीं। दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हो गई।
इंदिरानगर निवासी मृदुल ने मंगलवार को हादसे का आंखों देखा मंजर परिवहन अफसरों को बयां किया। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव कुमार बोस के मुताबिक मृदुल ने बताया कि वह बस की 16 नंबर सीट पर बैठे थे, लेकिन हादसे से 10 मिनट पहले ही 15 नंबर सीट पर बैठ गए।
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मालूम हो दिल्ली से लखनऊ आ रही आलमबाग बस टर्मिनल की स्कैनिया बस रविवार देर रात आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसे की शिकार हो गई। इसमें राजाजीपुरम के सी-188 निवासी डॉ. ज्योति निर्वाण (38) बेटी निति के साथ सवार थीं। दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हो गई।
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इंदिरानगर निवासी मृदुल ने मंगलवार को हादसे का आंखों देखा मंजर परिवहन अफसरों को बयां किया। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव कुमार बोस के मुताबिक मृदुल ने बताया कि वह बस की 16 नंबर सीट पर बैठे थे, लेकिन हादसे से 10 मिनट पहले ही 15 नंबर सीट पर बैठ गए।
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सौरभ को 2.30 लाख, मृदुल को पांच हजार की मदद
इसके बाद बस टकराने की जोरदार आवाज हुई। मृदुल के मुताबिक ड्राइवर ने किसी तरह बस को संभाला। हालांकि, गति अधिक होने से बस पोल से टकरा गई और आग लग गई। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। मृदुल ने सीट की ओर से टूटे शीशे से कूदकर जान बचाई। इस दौरान उनके जूतों में आग लग गई। वहीं, उनके पैर एवं पीठ में भी चोट आई। बाहर निकलकर मृदुल बदहवास होकर जलती बस को देखते रहे।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने मंगलवार को आग से झुलसे सौरभ श्रीवास्तव एवं हादसे में बाल-बाल बचे मृदुल नैथानी से मुलाकात की। उन्होेंने सौरभ को उपचार के लिए 2.30 लाख एवं मृदुल को 5000 रुपये की धनराशि दी। सौरभ के इलाज को निजी अस्पताल के चिकित्सक ने तीन लाख रुपये जमा कराए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने मंगलवार को आग से झुलसे सौरभ श्रीवास्तव एवं हादसे में बाल-बाल बचे मृदुल नैथानी से मुलाकात की। उन्होेंने सौरभ को उपचार के लिए 2.30 लाख एवं मृदुल को 5000 रुपये की धनराशि दी। सौरभ के इलाज को निजी अस्पताल के चिकित्सक ने तीन लाख रुपये जमा कराए हैं।